दमा क्या है कारण लक्ष्ण उपचार और औषधियां

दमा की समस्या भारत में अधिकतर लोगो को है परन्तु क्या आपको पता है की दमा क्या है और इसके कारण लक्ष्ण के बारे में , दमा एक प्रकार की लंग्स की बिमारी होती है |

दमा एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में आसानी से फेल सकता है | ब्रोंकेलास्मा एक बीमारी होती है जो की मुख्या रूप से एलर्जी से होती है जिसके कारण हमारी साँस की नलिया सुकुड जाती है |

जब कोई एल्र्जन प्रदार्थ साँस की नली में प्रवेश करता है तो नलिया हाइपरएक्टिव हो जाती है जिसके कारण उसमे सुजन हो जाती है और वह नलिया सिकुड़ जाती है जिसके कारण दमा होता है |

एल्र्जन प्रदार्थ जैसे धुल , मिटी , धुआं , प्रदुषण , अगरबती का धुआं आदि इनके कारण साँस की नलिया सिकुड़ती है और दमा की समस्या उत्पन होती है जानिए दमा क्या है

दमा क्या है 

जिस रोग में साँस की मात्रा बढ़ने लगती है उस रोग को हम व्यवहारिक भाषा में दमा कहते है और आयुर्वेद के अनुसार श्वास कहते है और आधुनिक शासत्र के अनुसार अस्थमा कहते है | जब दमा होता है तो इसमें साँस का कार्य लोहार की धोंकनी की तरह होती है जब साँस लेने की क्रिया में समस्या हो जाती है तो दमा रोग होता है | इसमें कफ अधिक होने लगता है |

दमा के कारण 

दमा होने के बहुत से कारण हो सकते है जो आपको निचे देखने को मिल जाएगे

.  रात में दही का अधिक सेवन करना

.  दूध और अंडे का सेवन एक साथ मिलाकर करना

.  एसी जगह पर जादा रहना जहाँ धुल , धुआँ और मिटी हो

.  मल और पेशाब को बार बार रोककर रखना

.  जादा मात्रा में ध्रूमपान करना , नाशिले प्रदार्थ का सेवन करना

.  खटास से तेयार की हुई चीजो का अधिक सेवन करना

.  उड़द , मटर , दाल का अधिक मात्रा में सेवन करना

.  अगर शरीर में खून की अधिक कमी हो जाए

.  टी.बी की समस्या होने के कारण

.  बार बार सर्दी , खांसी होना

.  पेशाब से जुडी समस्या होना

दमा के लक्ष्ण 

दमा की समस्या होने पर आपको अलग अलग प्रकार के लक्ष्ण देखने को मिल जाएगे जो इस प्रकार है

.  साँस की मात्रा अधिक बढ़ जाती है |

.  दमा होने पर गले से घुर घुर की आवाज आने लगती है

आँखे लाल हो जाती है

.  दमा होने पर माथे पर पसीना आता है

.  दमा होने पर सिर और गर्दन जकड जाती है

.  फेफड़ो में दर्द होने लगता है

.  जब मरीज सोता है तो बहुत अधिक तकलीफ होती है

.  दमा होने पर बैठने पर अच्छा लगता है

दमा का रोग कब अधिक हो जाता है 

दमा का रोग खासकर रात को 12 बजे के बाद और सुबह 4 बजे से पहले बढ़ जाता है | जब आसमान में बादल हो जाते है या बारिश होने लगती है या ठण्ड का मोश्म हो जाता है तो दमा बढ़ जाता है |

देखा गया है की अधिकतर लोगो में जब दमा की समस्या होती है या समस्या अधिक बढ़ जाती है तो मरीज का पेट भरा हुआ लगता है पेट भारी भारी लगता है | अगर गर्म पानी पीते है से अच्छा लगता है |

दमा का उपचार 

हम आपको दमा के उपचार के बारे में दो तरीके से बताएगे

( i )  साँस का आवेग आने पर

.  आपको नारायण तेल में सेंधा नमक मिलाना है और दमा के मरीज के सीने में , पीठ पर मले उसके बाद गर्म तवे पर कपडा गर्म कर उसी कपडे से सीना , पेट , पीठ सेंके | इसके साथ आपको गर्म दूध में 2 या 3 चमच नारायण तेल डालकर पिने के लिए दे |

.  धतूरे के पतों की बीडी का सेवन करे

.  घी , जों , राल अंगार में डालकर उसका धुआं ले

.  2 कप पानी में 2 से 5 ग्राम यष्टिमधु चूर्ण  डालकर वह पानी अच्छे से उबाले और गुनगुना करके पिए

.  संख वटी की 2 गोलिया गर्म पानी के साथ ले

( ii )  साँस का आवेग ना होने पर

.  दमा होने पर पेट हमेशा साफ़ रखे

.  ध्यान रखे की हफ्ते में एक बार उपवास जरुर करे

.  अडूसा के पतों का काढ़ा आधा आधा कप सहब और रात में ले

.  2 चमच तुलसी के रस में 2 काली मिर्च का पाउडर डाल कर उस मिश्रण को दिन में 2 या 3 बार ले

क्या खाए 

दमा होने पर क्या खाना चाहिए

.  पुराने और भुजे हुए चावल का भात खाए

.  गेहू का सेवन करे

.  जवार और जों का सेवन करे

.  मुंग परवल का सेवन करे

.  लहसुन और बेंगन का सेवन करे

क्या करे

दमा होने पर क्या करना चाहिए

.  गर्म पानी से सनान

.  सुबह जल्दी उठे

.  रात को समय पर सो जाए

अजवाइन का इस्तेमाल करे

दमा की औषधियां 

दवाई का नाम                                      कंपनी का नाम 

syp ./tab.haleezy                                  charak

syp.swasi                                              dhanwantari

tab.ephanin                                          sandu pharma

tab.baryl                                               gufic

cap.asthmin                                          multani

cap.bronchozen                                    zen

syp./tab.bronto                                     anuja

निष्कर्ष 

आशा करते है की आपको दमा क्या है और इसके कारण , लक्ष्ण , उपचार के बारे में पता चल गया होगा , अगर आपको दमा के लक्ष्ण दिखाई देते है तो डॉक्टर से मिले और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाईयां ले |

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जानिए कुछ सवालों के जवाब 

Q . क्या दमा के मरीज के साथ रहने से बीमारी हो सकती है?

ans . हाँ अगर आप दमा के मरीज के साथ रहते है तो आपको दमा हो सकता है परन्तु एसा बहुत कम देखने को मिलता है |

Q . दमा के लिए योग ?

ans . दमा के मरीज धनुरासन , शवासन , पवन मुक्तासन करे |

Q . दमा वाले आदमी को वैक्सीन लगवाना चाहिए या नही ?

ans . दमा के मरीज वेक्सिन लगवा सकते है परन्तु एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले |

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