somvar का दिन भगवान् शिवजी की आराधना के लिए सबसे अच्छा होता है आर somvar को ही solah somvar vrat vidhi की जाती है जो एक solah somvar vrat होता है

वैसे तो हिन्दू धर्म में कोई भी महिला या पुरुष किसी प्रमुख कामना के लिए यह व्रत रख सकते है परन्तु ज्यादातर solah somvar vrat महिलाएँ अच्छा जीवन साथी पाने के लिए करती है

या जो शादी शुदा महिलाएँ होती है वह अपने जीवन में आई हुई मुश्किलों को दूर करने के लिए solah somvar vrat करती है और vrat रखती है जिसे उनकी परिवार की मुश्किलें दूर होती है

यह vrat somvar के दिन सुबह से शाम तक रखा जाता है और शाम के 4 से लेकर 6 बजे के बीच में पूजा की जाती है यह vrat 16 somvar लगातार रखा जाता है बीच में कोई somvar छुटना नहीं चाहिए

solah somvar vrat में पुरे दिन में सिर्फ एक बार ही भोजन किया जाता है शाम को पूजा के बाद परन्तु कुछ लोग है जो अपनी अपनी मान्यता के अनुसार दिन में भी भोजन कर लेते है

भोजन में जैसे फल का सेवन , ड्राई फ्रूट , साबूदाने की खिचड़ी बिना नमक वाली , दूध , का सेवन करते है vrat के प्रसाद में आटा , गुड और घी जरुर होना चाहिए

solah somvar vrat के पीछे माता पार्वती और शिवजी की एक कथा है जिसके कारण यह vrat रखा जाता है आइए जानते है vrat की vidhi और katha

solah somvar vrat vidhi क्या है

solah somvar vrat vidhi इस प्रकार है जो आपको निचे देखने को मिल जाएगी –

step 1

आपको somvar के दिन सुबह जल्दी उठकर नहा लेना है और घर में गंगा जल छिडकना है और पूजा घर में रखी चोंकी को अच्छे से साफ़ कर ले

उसके बाद चोंकी पर आप लाल या सफ़ेद रंग का कपडा बीछाए उसके बाद आपको माता पार्वती और भगवान शिवजी की तस्वीर को रखे और शिवलिंग को नार्थ ईस्ट में रखे

step 2

उसके बाद पूजा की थाली ले और चोंकी के सामने रखे फिर चोंकी पर रखे कपडे के उपर तस्वीर के राईट तरफ चावल को रखे और चावल के बीच से आठ दिशाए बनाए

उसके बाद उसके बीच में एक कलश रखे उसके बाद उस जल से भरे कलश पर मोली को बाँध दीजिए कलश में थोडा गंगा जल डाले , एक सुपारी डाले , हल्दी , चावल और एक सिका डाले

step 3

कलश के उपर आम के पते को सजा ले और आम के पते के उपर मोली बंधा हुआ नारियल रखे उसके बाद आपको एक घी का दीपक तस्वीर के राईट साइड पर रखना है

उसके बाद आप आशन ग्रहण कर ले और अपने लेफ्ट हाथ जे जल लेना है और राईट वाले हाथ पर डालना है और हाथो को सुध करना है और 3 बार ॐ नमह शिवाए बोलकर जल पीना है

step 4

उसके बाद आपको हाथो को फिरसे जल से धो लेना है और हाथ में फुल लेना है और संकल्प लेना है की में सुध कर्म से आपकी पूजा करने जा रही हूँ या रहा हूँ उसके बाद फुल को भगवान के चरणों में छोड़ दे

उसके बाद घी का दिया जलाना है उसके बाद अमृत को फुल से तस्वीर और शिवलिंग पर छिडकना है उसके बाद तस्वीर पर जनेऊ चढ़ाना है और कुमकुम और चन्दन का टिका लगाना है

step 5

उसके बाद बेल के पते को शिवलिंग पर चढ़ाने है उसके बाद तस्वीर और शिवलिंग पर इतर छिडकना है और उसके बाद अगरबती दिखानी है

उसके बाद पांच प्रकार के फल और प्रसाद को तस्वीर को छुआए और रख दे उसके बाद कुछ दक्षिणा तस्वीर के पास रख देनी है उसके बाद हाथ को धो लेना है

step 6

उसके बाद हाथो में सफ़ेद फुल को लेना है और माता पार्वती और भगवान शिवजी से प्राथना करनी है की हमसे इस पूजा में जो भी गलती हुई हो उसे शमा कर दे

उसके बाद आपको बोलना है ॐ नमह शिवाए मंत्र का उचार्ण 3 बार जोर से करे और फुल को भगवान और शिवजी के चरणों में छोड़ देना है उसके बाद आपको कथा पढनी है

step 7

कथा पूरी होने के बाद में कपूर और घी का दीपक जलाए और आरती करे उसके बाद खुद आरती ले और अपने परिवार को आरती दे आरती की थाली को चोंकी के पास रख दे

उसके बाद एक चमच पानी ले और आरती की थाली के उपर से घुमाकर निचे छोड़ देना है उसके बाद परिवार को प्रसाद देना है और खुद भी खाना है प्रसाद का एक हिसा भगवान को चढ़ाना है एक हिसा खुद खाना है और तीसरा हिसा पंडित को देना है

solah somvar vrat katha

एक दिन माता पार्वती और भगवान् शिवजी मृत्यु लोक में भ्रमण करते करते अमरावती पहुचं गए वहां पर माता पार्वती और भगवान शिवजी ने देखा की एक राजा ने बहुत बड़ा शिव मंदिर बना रखा था

उसके बाद माता पार्वती ने भगवान शिवजी से कहाँ की चलो अन्दर चलते है और आज रात इसी मंदिर में विश्राम करेगे उसके बाद अन्दर जाकर भगवान शिवजी ने माता पार्वती से कहाँ की चलो चोसर खेलते है

जैसे ही माता पार्वती और भगवान शिवजी चोसर खेलने लगे तो मंदिर के पुजारी वहां पर आ गए उसके बाद माता पार्वती ने पुजारी से एक सवाल पूछा की चोसर में कोन जीतेगा भगवान शिवजी या में

पुजारी ने बिना सोचे ही जवाब दिया की आज चोसर में भगवान शिवजी जीतेगे परन्तु एसा नहीं हुआ और माता पार्वती जी जित गई , माता पार्वती को पंडित जी की कोशिस भगवान शिवजी को प्रशन करने की बिलकुल पसंद नहीं आई

और माता पार्वती ने पंडित जी को श्राप दे दिया की वह कोडी बन जाए उसके बाद ही पंडित शिधा भगवान शिवजी के चरणों में गिर गए और डरने लेगे तो भगवान शिवजी ने पंडित जी से कहाँ

की आज somvar है और शाम का समय है तो आप माता पार्वती और भगवान शिवजी सहित 16 somvar का vrat रखो जिसे तुमारी मनोकामना पूरी होगी और तुम्हारा कोड भी दूर होगा

उस दिन के बाद से ही solah somvar vrat कीया जाती है और vrat रखा जाता है जिसे मनोकामना पूरी होती है और पारिवार की मुश्किलें दूर होती है

निष्कर्ष

आशा करते है की आपको solah somvar vrat vidhi के बारे में अच्छे से पता चल गया होगा और solah somvar vrat के साथ साथ katha के बारे में भी जान लिया होगा अगर आपको आर्टिकल अच्छा लगा तो कमेंट जरुर करे

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जानिए कुछ सवालो के जवाब

Q . जिन लड़कियों की शादी नहीं हुई है वो 16 सोमवार का व्रत रख शक्ति है या नहीं ?

ans . हाँ जिन लड़कियों की शादी नहीं हुई है वो 16 सोमवार का व्रत रख शक्ति है अच्छे पति के लिए |

Q . क्या विधवा स्त्री 16 सोमवार का व्रत कर सकती है?

ans . हाँ विधवा स्त्री 16 सोमवार का व्रत कर सकती है क्युकी यह व्रत मनोकामना को पूरा करने के लिए कोई भी रख सकता है |

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