पीलिया क्या है जिस रोग में मरीज की आँखे , नाख़ून , पेशाब , और मुहं का रंग पिला हो जाता है और जब आप कुछ देखते है तो आपको सब कुछ पीले रंग का दिखाई देता है उसे ही हम व्यवहारिक भाषा में पीलिया कहते है और अगर हम आयुर्वेद की बात करे तो पलिया को कामला कहते है और इंग्लिश में jaundice /hepatitis कहते है

पीलिया क्या है 

लीवर की एक बिमारी होती है जिसे हम पीलिया के नाम से जानते है और लीवर हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग होता है जो वासा भोजन को पचाने में हमारी मदत करता है और लीवर में एक पित तेयार होता है जो गाल ब्लेंडर में जाता है और वहा से आंतो में पहुचता है जिसे खाना पचता है

परन्तु अगर इस कार्य में कोई समस्या उत्पन हो जाती है और लीवर से पीत आंतो तक नहीं पहुच पाता है जिसके कारण वह पीत आंत में ना जाकर खून में मिलने लगता जिसके कारण हमारा शरीर या तो काले रंग का हो जाता है या पीले रंग का हो जाता है और ईसी समस्या को हम पीलिया की बिमारी कहते है

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पीलिया के कारण 

पीलिया रोग के बहुत से अलग अलग कारण होते है जो इस प्रकार है

.   बहुत तीखे प्रदार्थ का सेवन करना

.   खटी चीजो का जादा सेवन करना

.   नमकीन रस के अचार का सेवन करना

.   पापड़ का अधिक सेवन करना

.   दही का सेवन अधिक करना जादा गर्मी में

.   लगातार धुप में घूमना

.   रात में अधिक देर तक जागना

.   हर समय गुसा करने के कारण

.   नशीली प्रदार्थ का जादा सेवन करे

.   सक्रमण के कारण पीलिया होना

.   पिताश्य में पथरी के कारण

.   पेट में कीड़े होने के कारण

.   सिस्टिक के कारण

.   फाइब्रोसीस के कारण

यह सभी वह कारण है जिनके वजह से पीलिया होता है

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पीलिया के लक्ष्ण 

पीलिया रोग होने पर आपको अलग अलग बहुत से लक्ष्ण देखने को मिल जाएगे जो इस प्रकार है

.   बुख लगनी बिलकुल बंद हो जाती है

.   शोच साफ नहीं होती है

.   शरीर गर्म लगता है और दर्द करता है

.   कभी कभी पेट में दर्द होने लगता है

.   कुछ करने का उत्साह नही रहता है

.   सोने का बहुत मन करता है

.   पेशाब पीले रंग का आता है

.   शोच का रंग पीले रंग का या गहरे मिटी के रंग का आना

.   आँखे पिली रंग की हो जाती है

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पीलिया के प्रकार 

पीलिया के प्रकार अलग अलग होते है जो इस प्रकार है

.   कारणों के अनुसार पीलिया दो प्रकार के होते है

( i )   सवतंत्र पीलिया यह पीलिया हमारे खुद के कारण से होता है

( ii )   परतंत्र पीलिया यह पीलिया किसी अन्य कारण से होता है या किसी बिमारी के कारण

.   आयुर्वेद के अनुसार पीलिया दो प्रकार के होते है

( i )   बहुपिता पीलिया

.   पितवाहक नलिका में अवरोध नहीं होता है

.   इसमें पित साखा और कोष्ठ दोनों में बढ़ता है

.   पेशाब गहरा और पीले रंग का होता है

.   शोच पीले रंग का होता है

.   नाख़ून , आँख , तवचा , पीले रंग का होता है

.   मधुर , शीत उपचार करे

.   केवल डॉक्टर से ठीक होता है

( ii )   अल्पपिता पीलिया

.   पितवाहक नलिका में अवरोध होता है

.   इसमें पीत साखा में बढ़ता है लेकिन कोष्ठ में नहीं बढ़ता है

.   इसमें पेशाब पिला रंग का होता है परन्तु गहरा नही होता है

.   शोच सफ़ेद मिटि जैसा पीसी हुई तीली की खली की तरह होता है

.   नाख़ून , आँखे , तवचा , पीले रंग का होता है

.   उष्ण , तीक्ष्ण उपचार करे जिसे अवरोध दूर होने में मदत हो

.   आधुनिक वैद्यकीय शासत्रनुसार पीलिया तीन प्रकार का होता है

( i )   यक्र्तीय पीलिया ( hepatocellular jaundice )

( ii )   रक्तरंजक विघटन पीलिया ( haemolytic jaundice )

( iii )   अवरोधजन्य पीलिया ( obstructive jaundice )

आधुनिक शास्त्र के अनुसार शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा अधिक होने के कारण पीलिया होता है समान्य तोर पार बिलीरुबिन की मात्रा रक्त में 1 . 0 mg / 100 ml से कम रहती है देखा जाता है की आमतोर पर पीलिया 21 दिनों में खुद ठीक हो जाता है पीलिया पहले और दुसरे हफ्ते तक जादा बढ़ता है और दुसरे हफ्ते के बाद पीलिया ठीक होने लगता है और आँखों का रंग ठीक होने लगता है इसके अलावा पेशाब का रंग साफ़ दिखने लगता है

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पीलिया का घरेलू उपचार  

पीलिया के घरेलू उपाय अलग अलग प्रकार के होते है जो इस प्रकार है

.   गने का रस है फायदेमंद पीलिया रोग में

गने का रस पीलिया रोग में बहुत लाभकारी होता है गर्मियों के मोश्म में अधिकतर लोगो को गने का रस पीना अच्छा लगता है गने में आपको केल्शियम , पोटाशियम , आयरन , मैग्नेशियम , पाए जाते है गने के रस से हडियाँ मजबूत होती है कई बीमारियों से लड़ने में हमें मदत मिलती है साथ ही केंसर से लड़ने में मदत करता है

गने के रस से उपचार 

( i )   एक गिलास गने के रस में आप अगर सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम सेवन करते है तो आपको पीलिया रोग से छुटकारा मिलता है इसलिए गने का रस पिए

.   प्याज है फायदेमंद पीलिया रोग के लिए

पीलिया रोग में प्याज बहुत जादा फायदेमंद होता है एक प्याज में 44 केलोरी प्राप्त होती है लेकिन विटामिन , खनिज , फाइबर जैसे तत्व पाए जाते है प्याज में मुख्या रूप से विटामिन बी पाया जाता है प्याज में विटामिन बी 6 , विटामिन बी 9 शामिल है जो कई बिमारी में फायदेमंद होता है

प्याज के रस से उपचार 

( i )   प्याज को ले और उसे बारीक बारीक काट ले उसके बाद पीसी हुई थोड़ी काली मिर्ची ले और थोडा काला नमक ले और निम्बू का रस ले और हर रोज सुबह शाम सेवन करे इसे पीलिया जल्दी खत्म हो जाएगी

.   जो का सतु है फायदेमंद पीलिया रोग के लिए

जो का सतु पीलिया रोग के लिए बहुत फायदेमंद होता है सतु में आपको अच्छी मात्रा में प्रोटीन मिल जाता है यह पेट की अधिकतर समस्या को ख़त्म कर देता है जो के सतु के सेवन से लीवर की अधिकतर समस्या खत्म हो जाती है पाचन मजबूत बनता है साथ ही शुगर के मरीज के लिए अच्छा होता है जो पीलिया रोग के लिए फायदेमंद होता है

जो के सतु से उपचार 

( i )   पीलिया रोग के लिए आप जो के सतु का सेवन कर सकते है इसे पीलिया रोग खत्म हो जाएगा

.   लहसुन है फायदेमंद पीलिया रोग के लिए

लहुसन में बहुत से गुण होते है जो पीलिया रोग में लाभकारी होता है लहसुन का इस्तेमाल सभी सब्जियों में किया जाता है लहसुन में एलिकिन नामक तत्व पाया जाता है लहसुन में एंटीओक्सिडेंट गुण पाया जाता है साथ ही एंटीवायरल गुण पाए जाते है इसके अलावा इसमें विटामिन बी , सी , मैग्नेशियम जैसे तत्व पाए जाते है जो पीलिया के लिए अच्छा होता है

लहसुन से उपचार 

( i )   आप लहसुन का पेस्ट बनाए और उसे दूध में मिलाकर पिए या फिर लहसुन की कलि को दूध के साथ ले सकते है इसे पीलिया रोग जल्दी खत्म हो जाता है

.   आंवला का रस है फायदेमंद पीलिया रोग के लिए

आंवला पीलिया रोग के लिए बहुत फायदेमंद होता है आंवला में बहुत से गुण पाए जाते है आंवला में विटामिन सी , विटामिन ए , पोटाशियम , केल्शियम , मैग्नेशियम , आयरन , कार्बोहाईड्रेट्स , डायोरेटिक एसिड पाया जाता है और पीलिया रोग में सेवन अच्छा होता है परन्तु आंवले का जादा मात्रा में सेवन ना करे

आंवला से उपचार 

( i )   10 ग्राम आंवले का रस ले और उसमे एक चमच सहद मिला ले और उसका सेवन करे कुछ दिन इसका सेवन करे इसे आपको जल्दी पीलिया से छुटकारा मिलता है

.   संतरा है फायदेमंद पीलिया रोग के लिए

संतरे में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो हमें एनर्जी प्रदान करता है इसके अलावा संतरे में आयोडीन , सोडियम , विटामिन ए , बी कोम्प्लेक्स जैसे कई तत्व पाए जाते है संतरे का सेवन हमारे शरीर की लिए बहुत लाभकारी होता है संतरे के सेवन से पीलिया रोग जल्दी खत्म हो जाता है

संतरे से उपचार 

( i )   संतरे का सेवन पीलिया रोग में अच्छा होता है आप सुबह उठकर संतरे को खा सकते है या इसके रस का सेवन कर सकते है इसे कुछ ही दिन में पीलिया रोग खत्म हो जाता है

.   निम्बू का रस है फायदेमंद पीलिया रोग के लिए

निम्बू का सेवन करना हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है निम्बू में बहुत से तत्व पाए जाते है जो बहुत सी बिमारी को खत्म करने में लाभकारी होता है निम्बू में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है इसके अलावा थियामिन , रिबोफ्लेविन , नियासिन जैसे कई तत्व पाए जाते है यह पाचन को सही करता है और कब्ज को खत्म करता है

निम्बू से उपचार 

(  i )   अगर आपको पीलिया रोग की समस्या है तो आप हर रोज कुछ दिन निम्बू पानी का सेवन करे इसे कुछ ही दिनों में पीलिया रोग खत्म हो जाता है

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पीलिया के कुछ आयुर्वेदिक उपचार 

पीलिया रोग को ठीक करने के लिए आयुर्वेद में बहुत से ओषधि है जो इस प्रकार है

.   त्रिफला चूर्ण

आपको एक गिलास गर्म पानी लेना है और त्रिफला चूर्ण 1 से 2 ग्राम रात को सोते समय लेना है इसे पीलिया रोग से छुटकारा मिलता है जल्द ही

.   कुटकी चूर्ण

एक गिलास गर्म पानी लेना है और कुटकी चूर्ण 1 से 2 ग्राम रात को सोते समय पानी में मिलाकर सेवन करना है

.   अविपतिकर चूर्ण

आपको 1 से 3 ग्राम अविपतिकर चूर्ण लेना है और उसे गर्म पानी में मिलाना है और रात को सोते समय सेवन करना है अविपतिकर चूर्ण पीलिया रोग में बहुत लाभकारी होता है

.   गुडूची धन

आप इसकी गोली का सेवन कर सकते है आप 2 से 3 गोली दिन में 3 या 4 बार ले इसे पीलिया रोग जल्द ही खत्म होगा

.   एरंड

एरंड के पते का रस आधा कप सुबह ले और शाम को ले इसे आपको फायदा होगा

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पीलिया रोग में क्या खाए 

.   छाज का सेवन करे पीलिया रोग होने पर

.   भात का सेवन करे पीलिया रोग होने पर

.   अंगूर का सेवन करे पीलिया रोग होने पर

.   अनार का सेवन करे पीलिया रोग होने पर

.   गुलुकोज पाउडर का सेवन करे पीलिया रोग होने पर

पीलिया रोग में क्या नहीं खाना चाहिए 

उपयुक्त प्रदार्थ का सेवन करे सिर्फ बाकी कुछ न खाए और कुछ लोग पीलिया में दही खाने की सलाह देते है जो आपके लिए सही नहीं है पीलिया रोग में दही का सेवन ना करे यह पित को बढ़ा सकता है

पीलिया रोग में ध्यान रखे 

उपर आपको पता चल ही गया होगा पीलिया क्या है , पीलिया रोग कुछ दिनों बाद या कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाता है पीलिया रोग झाड़ने से ठीक नहीं होता है इसलिए पीलिया का झाडा लगवाने की बजाए डॉक्टर से मिले देखा जाता है की कई बार किसी व्यक्ति को पीलिया नहीं होता है और उस व्यक्ति को पीलिया रोग की दवाई दी जाती है क्युकी उसमे बदन दर्द , बुख ना लगना , उत्साह ना रहना , लक्ष्ण दिखाई देते है यह गलत है सबसे पहले पीलिया रोग की जांच करवाए उसके बाद ओषधि ले , अगर किसी व्यक्ति को पीलिया की समस्या है तो डॉक्टर से जांच करवाए पेशाब और खून की जांच के द्वारा पीलिया रोग की जांच की जाती है पीलिया रोग खत्म होने के बाद भी कुछ दिन ओषधि का सेवन करे और मांस ना खाए

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