स्वस्थ रहने के सरल उपाय | maintaining a healthy lifestyle in hindi

आज हम स्वस्थ रहने के सरल उपाय के बारे मैं बात करने जा रहे है आशा करते है आपको अच्छा लगेगा

आज हम हेल्थ के बारे में बात करेगे , जेसे की आप जानते ही है आज के इस दोर में बहुत सी बीमारियों ने जनम ले लिया है और हर किसी को कोई न कोई हेल्थ प्रोब्लम जरुर है , और वो उसे छुटकारा पाना चाहता है ,परन्तु कुछ लोग ऐसे भी है जिनके पास अपनी हेल्थ का ख़याल रखने का टाइम नहीं होता ,  इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बतायेगे जिसे आपको अपनी हेल्थ को अच्छा रखने में मदत मिलेगी |

पुरे दिन का काम 

आपको मोर्निंग में सूरज के निकलने से पहले जागना है | अगर आप सुबहे जल्दी उठते है तो आपकी हेल्थ , और विद्या बढती है , और हमें बहुत से काम करने के लिए  सक्ति मिलती है , और आप तारो ताजा महसूस करते है | लेकिन अगर आप सुबहे लेट उठते है तो आपके अन्दर आलस रहेगा और वो आलस आपके पुरे दिन के काम को होने नहीं देगा , इसलिए जल्दी उठे |

सुबहे जल्दी उठने के बाद हल्का गर्म पानी पिए , सुबहे जल्दी उठकर गरम पानी पिने से सभी परकार के कीटाणु मर जाते है , जिसके कारण आपको बुखार जल्दी नहीं आता | जो लोग सुबहे जल्दी उठते है उन लोगो को कभी कब्जियत की समस्या नहीं होती | ठंडा या सादा पानी से नहाये | महीने में दो बार सरसों के तेल से मालिश करे नहाने से पहले | पुरे दिन में 10 या 15 मिनट का व्यायाम  जरुर करे |

पुरे दिन में कोई एक एसा काम करे जिसे करने से आपके शरीर में पर्सिना उत्पन हो |जब आप रात को सोने जाए तो आँखे बंद करके 50 बार सांस ले | और अच्छी निंदी ले |आपको पता ही होगा की नींद कितनी जरुरी होती है , इसलिए 6 घंटे की नींद जरुर ले | इसे आप सभी काम अछे से कर पायेगे | और अपने आपको तरो ताजा महसूस करोगे |

हम बीमार क्यों होते है ?

बिमारी दो परकार की मान सकते है

1 . यह एक एसी बिमारी होती है जो वायरस , इन्फेक्सन , कीटाणु से हो जाती है , जेसे की टाईफाईड , टीवी , मलेरिया , निमोनिया बुखार आदि |ये जो हमने बिमारिय बताई है इसकी तीन विशेस्ताये है |

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.  इन बीमारियों की पहचान आसानी से मिल जाती है जब हम टेस्ट कराते है |

.  इन बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए दवाईया उपलब्ध है |

.  इन बीमारियों में हम जल्दी ठीक हो जाते है |

2 . यह बिमारी वायरस , इन्फेक्सन , कीटाणु  से नहीं होती है | जेसे एसिडिटी , कैंसर , कब्ज , मधुमेह , हर्द्य रोग आदि |

इस बिमारी की तीन खासियत है |

.  इस बिमारी का कारण तुरंत उपलब्ध नहीं है |

. इस बिमारी का इलाज तुरत उपलब्ध नहीं है

. इस बिमारी का इलाज लम्बा और महगा है |

इस तरह की बिमारी होने का मुख्या कारण : एसी बिमारी टाइम पर खाना ना खाने , मिलावटी चीजे खाने से , जायदा फ़ास्ट फ़ूड खाने से होती है | रात को देर रात तक जागने से ,तनाव ,आज के टाइम में फलो , दूध , सब्जियों में देने वाले रासायनिक किटनासको के कारण , सब्जियों को धो कर पकाए |

खाना खाने का  सही तरीका 

( स्वस्थ व्यक्ति ) पुरे दिन में केवल तीन बार ही खाना खाए , हमेशा बैठकर खाए खड़े होकर नहीं | हमेशा खाना चबा चबा कर खाए | सुबहे भोजन भर पेट खाए , दोपहर में मध्यम ,और रात को हल्का खाना खाए |

हम कह सकते है जिसका पेट सही है उसका शरीर सही है भोजन को खाने से जायदा पचाना जरुरी होता है | खाना खाने के बाद उसमे से मांस , हडी , रकत , रस आदि बन जाते है जो जीवन में उपयोगी है |

भोजन करने का सबसे ठीक समय 

सुबहे सूरज उगने के 2 घंटे बाद और साम को सूरज डूबने के 2 घंटे पहले लिया गया भोजन सबसे सही माना गया है | हमारे पेट में पिसाच की आग  जिसे हम जठरान्त्र सम्बन्धी मार्ग कहते है वो सूरज के साथ चलती है | आपने देखा होगा की जब दोपहर होती है तो हमें खुद भूक लगने लग जाती  है और अगर हम उस टाइम खाना नही खाते और कुछ समय बाद खाते है तो वह नहीं पचता और वह भोजन सड जाता है | और बहुत से बीमारियों को हमारे सरीर में आमन्तरित करता है |

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सुबहे का भोजन सबसे जयादा करना चाहिए | सुबहे नास्ता नही बल्कि डिनर होता है | सुबहे भोजन के बाद हरी सब्जिय या फलो का जूस पीना चाहिए यह बहुत जरुरी होता है , अच्छी सेहत के लिए |

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दोपहर का जो भोजन हम करते है वो भोजन हमें सुबहे के मुकाबले कम करना होता है | और दोपहर के भोजन के बाद बटर या मिल्क पीना जायदा अच्छा होता है | साम को सूरज डूबने से पहले पेट भरकर खाना खा सकते है पर सूरज डूबने के बाद हल्का भोजन करना चाहिए |

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साम को गरम दूध में घी डालना बहुत अच्छा परिणाम होता है | बाहर का खाना मत खाए जंक फ़ूड से दुरी बनाये रखे | लेकिन 2 या 3 महीने में एक या दो बार खाने से कुछ नही होता | लेकिन इसे डेली ना खाए |

भोजन कितने प्रकार के होते है |

भोजन चार प्रकार के होते है |

1 सात्विक आहार 2 राजसिक आहार 3 तामसी आहार 4 जेविक आहार

1  सात्विक आहार :-

दूध , दही , घी , मखन , और इसे बनी हुई सामग्री हल्का और मन को बहुत अच्छा लगने वाला पोस्टीक और मेवे जेसे की काजू , बादाम पिस्ता , अखरोट ,अंजीर |

परिणाम  :-

दिमाग , सक्ति गुणवता में बढ़ोतरी , मन में नयी चीजे करने का उत्साह , निरोग सरीर दिमाग को सांत रखना आदि |

2 राजसिक आहार

यह खाना अधिक मसाले वाला होता है , तीखा , खटा , गरम , तेज , सुखा , करेले जेसा कडवा , अधिक नमकीन वाले पर्धार्थ जो आँखे और मुह से पानी निकालते रहते है |

परिणाम :-

यह भोजन  दुःख , सोक , भय , गुसा , दर्द रोग जल्दबाजी की बुधि गलत डिसीजन लेना |

3 . तामसी आहार 

सडा हुआ बासी खाना किसी की नज़र लगी हो एसा खाना धुल वाला खाना पसु या कुतो को सपर्स किया हुआ खाना तामसी आहार है |

परिणाम :-

सम्पति लालच , क्रोध , गुसा बढ़ाना वाला खाना  सकती कम करने वाला खाना पशु जीवन जीने वाला खाना |

4 .जेविक आहार

जो खेत में रासायनिक खातर दवाओ यूरिया बीजो का उपयोग नहीं किया जाता है जिसमे गाये बल पसुओ का गोबर मूत्र या कोई भी पोधा जो ओसधि के रूप में उपयोग किया जाता है |

 

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