खाताबही क्या है | और खाता बही मैं बैलेंस कैसे देखे

अभी के युग मैं सभी बिज़नेस के पास उनके अकाउंट होते है वो चेक या RTGS NEFT या ऑनलाइन माध्यम से अपना लेन देन करना सही समझते है बैंक का लेन देन तीन खानों वाली रोकड़ बही मैं किया जाता है या खाता बही के बैंक खाते मैं किया जाता है

बैंक अपनी खाताबही मैं प्रत्येक बिज़नेस या फर्म के लिए एक अलग खाता खोलता है और सभी लेन देनो की जानकारी उसमे होती है और वो महीने मैं एक बार बैंक और अपनी बैंक को मिलाता है और उसे पहले बैंक से बैंक स्टेटमेंट लाता है या इन्टरनेट बैंकिंग से डाउनलोड कर लेते है बैंक की स्टेटमेंट और अपनी खाता बही को चेक करता है की दोनों का बैलेंस बराबर है या नही इसी को बराबर करने के लिए बैंक सलूशन स्टेटमेंट या बैंक समाधान विवरण बनाया जाता है

वो क्या कारण है जिसमे बैंक और हमारे खाताबही के बैंक खाते मैं अंतर आता है

– चेक इशू लेकिन सामने वाली ने पेमेंट नही निकलवाया – जैसे की हम किसी को चेक दे देते है और सामने वाली पार्टी जो है वो बैंक मैं वो चेक लेट देती है तो उस फर्म के खाते से पैसे डेबिट नही होगे जबकि हमने उसी टाइम जो है वो अपने बैंक खाते मैं उसकी पोस्टिंग कर दी है

चेक डिपाजिट लेकिन नोट क्रेडिट फॉर फर्म अकाउंट –

जैसे की हमें चेक प्राप्त हुआ है कई बार बैंक चेक जो है वो लेट क्लियर करता है  और हम एंट्री जो है वो पोस्टिंग कर देते है और बैंक मैं हमारे पास क्रेडिट नही हो पाता

इंटरेस्ट क्रेडिट और डेबिट इन बैंक – 

जब हमारे बैंक मैं बैंक हमारे जमा पैसे पे इंटरेस्ट देता है तो हमे पता  नही और जब  हमारे खाते से इंटरेस्ट काटा जाता है तो भी हमे पता नही होता इसका अंतर आता है हमारे बैंक और बैंक के खाते मैं

बैंक चार्जेज एंड कमीसन चार्जेज इन बैंक –

जब बैंक हमारे खाते से बैंक चार्जेज या कमीसन काटता है तब भी भी हमें पता नही होता और बैंक और हमारे खाते मैं काफी अंतर आता है

किसी कस्टमर ने हमें बीना बताये पेमेंट कर दिया या कही से पैसा आ गया हमारे खाते मैं 

जब कही से पेमेंट आती है तो हमें कही बार पता नही होता और इसका अंतर आता है

ग्राहकों की तरफ से बैंक द्वारा संग्रह करना -कही बार बिज़नेस बैंक को आदेश देता है की वो इन इन कस्टमर के पैसे आटोमेटिक काट दे और वो इसी आदेश पर काम करते है यही वजह से हमे नही पता होता की किस कस्टमर का पैसा काटा है

ग्राहक को चेक दिया और चेक कैंसिल हो गया ग्राहक को क्रेडिट नही हो पाया – जैसे हम किसी कस्टमर को पैसा दे देते है और उसका चेक बाउंस या कैंसिल हो जाता है लेकिन हम अपने बैंक खाते मैं वो पोस्टिंग कर देते है यही वजह से अंतर आता है

ये कुछ लेन देन है जिससे आप समझ जायेगे की ये क्यों बनाते है

लेन देन

कैश बुक

बैंक पासबुक

चेक इशू बूट नोट प्रेजेंट फॉर पेमेंट

प्लस

घटाव

चेक इशू लेकिन बैंक मैं पैसे नही आये

घटाव

प्लस

चेक इशू लेकिन नोट रिकॉर्ड इन कैश बुक

घटाव

प्लस

चेक रिकॉर्ड इन कैश बुक लेकिन डिपाजिट नही हुआ

घटाव

प्लस

बैंक समाधान विवरण बनाने की विधि 

बैंक सलूशन स्टेटमेंट हर महीने के अंत मैं बनाया जाता है जब हम बैंक से सभी स्टेटमेंट प्राप्त कर लेते है तब बनायीं जाती है जब पासबुक हमे मिल जाता है हम अपने बैंक खाते और बैंक के पासबुक से मिलान कर लेता है और शेष मिलाकर ही बंद किया जाता है

अगर हमारे टोटल मैं अंतर है तो इस दिशा मैं रोकड़  बही की जाच की जाती है अपने बैंक खाते और बैंक के बैंक खाते के एंट्री के साथ  मिलान कर के सही क्या जाता है दोनों पुस्तक मैं बीना निशान लगी मदे ही अंतर का कारन होता है इन्ही की सहायता से बैंक समाधान विवरण तैयार किया जाता है

 

बैंक समाधान विवरण बनाते समय अपने बैंक खाते के डेबिट शेष तथा पासबुक के क्रेडिट शेष जोड़ राशी वाले खाने मैं दिखाया जाता है

अधिकवर्ष की दशा मैं  यानी अपनी बैंक खाते के क्रेडिट शेष तथा बैंक पासबुक के डेबिट शेष को घटा राशी वाले खाने (माइनस अमाउंट कॉलम ) मैं दिखाया जाता है दोनों दिशाओ मैं शेष की प्रक्रिया एक समान होती है

बैंक समाधान विवरण बनाते समय दिए गए  लेन देनो का आपके बैंक खाता या बैंक के पास बुक के टोटल पर प्रभाव ज्ञात किया जाता है यदि आपके बैंक खाताबही का शेष दिया हुआ है तो प्रत्येक लेन देन के प्रभाव का निर्धारण किया जाता है की क्या इससे आपके बैंक खाते का शेष बड रहा है या घट रहा है

 

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