GSTR1 कैसे भरे | GST-R3B | GST मैं कितने फार्म होते है | gstr1 means in hindi

आज हम GSTR1 को कैसे फाइल करे इसके बारे मैं आपको स्टेप BY स्टेप बतायेगे और किस तरीके से फाइल करे सभी प्रकार की   पूरी इनफार्मेशन दिया जायेगा  इसके लिए हमें सबसे पहले GST के पोर्टल पर जाना है अपना यूजर आयडी और PASSWORLD भर कर लॉग इन कर लेना है  आपको SERVICE मैं जाना है RETURN DASHBOARD उसके बाद आपको फाइनेंसियल YEARS को सेलेक्ट करना है  और 

जिस महीने का RETURN भरना है वो सेलेक्ट करना है 

  OPT . तीन महीने की RETURN भरनी है या आपको महीने की RETURN 

अगर आपकी टर्नओवर 1.5 करोड़ से ज्यदा है तो आप तीन महीने की RETURN सेल्क्ट कर सकते हो अगर आपका टर्न ओवर उससे
 
 कम है तो आप महीने की RETURN को सेल्क्ट कर सकते हो 
 
आपको वहा पर पूछा जायेगा आपको अगर तिन महीने की RETURN भरनी है तो आपको YES और YES पर क्लिक करना है 
 
अगर आपको MONTHLY RETURN भरनी है तो आप को पहले वाले COLUM मैं YES और दुसरे वाले मैं NO कहना है 
 
आप ने किसी एक को सेल्क्ट कर लेना है अपने बिज़नेस के हिसाब से देख लो की आपको MONTHLY RETRUN भरनी है या तीन 
 
महीने की 
आपको SUBMIT पर क्लिक करना है आपको एक बार कन्फर्म करने के लिए प्रोसेस करना होगा 
GSTR1 कैसे भरे | GST-R3B | GST मैं कितने फार्म होते है | gstr1 means in hindi

how to file nil gstr 1 return sms in hindi

Contents

क्या आपकी फर्म है उसमे कोई सेल और ना कोई PURCHASE नही हुआ है तो आप SMS के द्वारा अपना NILL RETURN जो है
 वो भेज सकते हो 
 
आपको SMS टाइप करना है   NIL  R1 GST NO  042020  SEND  14409 
 
 आपको GST NO जहा लिखा है वहा पर अपना GST नंबर भरना है  ओर जहा पर 42020 आपको 4 की जगह अपना जिस
 
 MONTH की RETURN भेजना चाहते है वो महिना लिखना है और 2020 की जगह अपना साल लिखना है और भेज देना है 14409
 पर 
आपके पास एक कन्फर्मेशन code आयेगा आपको उसको भेजना है 
 
CNF R1 2XXXXX SEND TO 14409
 
आपको CNF R1 वेरिफिकेशन code आयेगा वो वेरिफिकेशन code लिखना है और भेज देना है 14409 पर 
और आपकी NIL की RETURN चली जाएगी 
 
अगर आपको फिर भी समझ नही आई तो आप  HELP R1 लिख कर SEND करना है 14409
आपको एक फॉर्मेट मिल जायेगा आपको किस तरह भेजना है 
 
नोट – आप ने जो मोबाइल नंबर GST पोर्टल पर दिया है उसी मोबाइल नंबर से भेजना है 

OUTWA RLD SUPPLIER MADE BY THE TAXPAYER GSTR1  –  4A,4B,4C,6B,6C-B2B INVOICES- 

 
NOTE- अगर आप ने महीने की RETURN सेल्क्ट किया है तो आप महीने की भरना है अगर आप ने तीन महीने मैं एक बार भरना 
है 
 
है तो आप ने तीन महीने बाद ही भरना है 
सबसे पहले हम ये जान लेते है की इसमें हमें भरना कौन सी डिटेल है चले जानते है 

b2b meaning in hindi-B2c क्या है

 
B2B – ये B2B क्या है इसका मतलब क्या है – अगर आप ने अपनी सेल ऐसी जगह की है जो एक
 REGISTRED या पंजीकृत हो
 
 जिसके पास GST नंबर हो जैसे आपके पास भी GST नंबर है जिसको आप ने माल सेल किया है या बेचा है चाहे वो लोकल हो या बहार की इसको हम B2B (बिज़नेस TO बिज़नेस ) की सेल कहते है 
उसी की डिटेल आपको भरना है आप चाहे तो अपना B2B का डाटा अपलोड कर सकते है नही तो आपको एक एक बिल को ADD करना पड़ेगा  इसके लिए आपको GSTR1 के इस भाग मैं जाना है 4A ,4B ,4C ,6B ,-B2B -INVOICE मैं जाना होगा 
 
GSTR1 RETURN के अगले भाग मैं जाने से पहले आपको इस कांसेप्ट को समझना जरुरी है 
 

intra state and inter state meaning in hindi

INTERSTATE – इसका मतलब ये है की आप ने अगर सेल अपने स्टेट से बहार किया है वो INTERSTATE की सेल कहलाता है 
 
example – अगर आप हरियाणा मैं आपका बिज़नेस है और आप ने कुछ पंजाब मैं बेचा है तो आप की ये सेल INTERSTATE कहलाता है
INTRA STATE – अगर आप की सेल अपने ही स्टेट मैं हुआ है तो वो सेल INTRA स्टेट सेल कहलाता है 

फाइव A फाइव B बी 2 C लार्ज इनवॉइस 

 

इसमें आप को कौन सी डिटेल भरनी है इसमें आपकी वो सेल आएगी अगर आप ने कोई सेल अपने स्टेट से बहार किया है और उसकी अमाउंट 2.50 लाख से ज्यदा है और वो सेल किसी CONSUMER /CUSTOMER या UNREGISTRED PERSON को किया है
 
 जिसका gst नंबर नही है तो ऐसी सेल आपको 5A , 5B , B2C LARGE INVOICE मैं आएगी 
 
example ENTERY 
पार्टी नाम  ABC  DR  ( सेल्क्ट ग्रुप CONSUMER /UNREGISTRED ) 
 
PRODUCT CR –IGST CR  TOTAL VALUE – 2.50 प्लस अमाउंट 
का होगा वो B2C लार्ज मैं जायेगा 
 9B CREDIT NOTES/ DEBIT NOTES (REGISTRED)
 
इस भाग मैं आपको वो जानकारी भरनी है जो आपको B2B से सेल किया है या PURCHASE किया है उसका कोई भी प्रोडक्ट आप ने  वापस भेजना है तो आप क्रेडिट नोट बना कर भेज सकते है और उसकी डिटेल आपको इस भाग मैं देना होगा   अगर आप ने B2B सेल किया है और कोई भी प्रोडक्ट आपके पास वापस आता है तो आपको इसकी जानकरी देनी होती है और इस 
भाग मैं वही जानकारी भरनी होती है 
 

9B CREDIT NOTES /DEBIT NOTE (UNREGISTRED )

अगर आपके पास B2C मैं सेल किया है या PURCHASE किया है और आपके पास डेबिट और क्रेडिट नोट आते है तो आपको इसमें भरना होगा 
 
अगर आप किसी ऐसी जगह सेल या PURCHASE करते है तो जिनके पास GST मैं रजिस्ट्रेशन नही है या CONSUMER है या UNREGISTERD है वहा से कोई डेबिट या क्रेडिट नोट आता है तो आपको इस भाग मैं भरना है 
 

6A EXPORTS INVOICES –

अगर आप ने कोई सेल इंडिया से बहार किया है यानी एक्सपोर्ट किया है तो आपको उसकी डिटेल यहा पर भरना होगा 

9A -AMENDED B2B INVOICES

अगर आप ने B2B मैं कोई सेल थी और आप ने गलत एंट्री कर दिया है तो आपको जैसे आपने लास्ट MONTH मैं कोई गलत एंट्री कर दी थी तो आप इस महीने की GSTR1 मैं आप उसे सही कर सकते हो 

 9A -AMENDED B2C INVOICES LARGES 

जैसा की इसके बारे मैं हमने आपको उपर बता दिया है आप इस मैं B2C की लार्ज INVOICES की पिछले महीने/तीन महीने  की RETURN मैं कुछ गलत किया है तो आप अगले महीने/तीन महीने  मैं उसको टिक कर सकते हो  

9A AMEDMED EXPORT INVOICE

अगर आप ने पिछले महीने/तीन महीने  की RETURN मैं एक्सपोर्ट मैं कोई गलती की है तो आप next MONTH आप ने क्या गलती
 की है वो आप इसमें टिक कर सकते हो 

9C – AMENDED CREDIT नोट /DEBIT NOTE REGISTRED 

अगर आप ने कोई पिछले महीने/तीन महीने  मैं कोई REGISTRED पार्टी का डेबिट नोट आया हो आप ने गलत फीड कर दिया हो तो  आप next महीने/तीन महीने बाद  जब RETURN भरते हो तो आप इसमें सही कर सकते हो 

9C -AMEDMED डेबिट NOTE /क्रेडिट NOTES UNREGISTRED 

 
अगर आप ने कोई डेबिट या क्रेडिट नोट मैं पिछले महीने कोई गलती की है (UNREGISTRED पार्टी के लिए )
तो आप next महीने/तीन महीने की RETURN मैं आप उसे सही कर सकते हो 

अगला भाग 

 
GSTR1 मैं OTHER डिटेल 
 
अभी मैं जिस भाग  बारे बताने वाला ही वो GSTR1 की RETURN मैं बहुत ही काम आएगा और हर बार भरा जायेगा 
 

B2C other –

इसमें कौन कौन से सेल आपको भरना पड़ेगा चलो जानते है  अगर आपको सेल अपने स्टेट से बाहर की है और वो किसी consumer या unregistered पार्टी को माल बेचा है और जिसकी वैल्यू  2.50 लाख से कम है तो वो सेल इसमें आएगी  अगर अपने स्टेट मैं आप ने जितनी भी सेल किया है अगर वो consumer /कस्टमर को की गयी है या unregistered की है वो सारी सेल इसमें आएगी 
 

8A,8B,8C,8D, NILL RATED SUPPLIES आये जानते है 

 
आपको पता होगा की कुछ आइटम पर GST नही है और कुछ आइटम GST फ्री यानि टैक्स फ्री है ऐसी सेल को हम इस भाग मैं भरेगे 
 

11A -1 ,11B -2,- TAX LIBILITY ( ADVANCE RECEIVE )

 
इस पॉइंट को आप को समझना जरुरी है जैसे की आप ने किसी पार्टी से ADVANCE लिया है जैसे मान लिया आप ने किसी पार्टी को अपना प्रोडक्ट बेचना है और उसने आपको एडवांस पे किया है जिस महीने उस पार्टी  ने आपको एडवांस पे किया है उसी महीने मै आप ने उसका बिल इशू कर के उसको प्रोडक्ट बेच दिया तो आपको ये भाग भरने की जरुरत नही पड़ेगी क्युकी आप ने उसी महीने माल  बेचा है आप की उस महीने की RETURN मैं वो बिल आ जायेगा 
 
मान लिया आप ने किसी पार्टी से ADVANCE लिया है आप ने एडवांस JANUARY मैं लिया है और आप ने बिल FEBRUARY मैं इशू  किया है तो आपको जनुअरी के RETURN मैं आप ने जितना एडवांस लिया है उसको आपको इसमें भरना पड़ेगा वो एडवांस आपक  इटर स्टेट हो सकता है या INTRA स्टेट हो सकता है मतलब आप ने लोकल मैं एडवांस लिया हो या अपने स्टेट से बहार लिया हो वो आपको भरना पड़ेगा 
 

11B-1 ,11B -2 – ADJUSMENT OF ADVANCES 

 
अब आप ने एड वांस JANUARY के RETRUN मैं भर दिया है और अब आप फरबरी मैं बिल बनाया है अब आप ने एडवांस एक लाख लिया था और जनबरी की RETRUN मैं भरा था उसका टैक्स 18000 रूपये बना था अब जब आप फरबरी मैं बिल बना रहे हो तो वो TAX 28000 बना है अब आपको फरबरी की RETURN मैं आपको एडवांस को ADJUST करना है आपको वही अमाउंट भरना है  जितना आप से एडवांस जनवरी मैं लिया था या जनबरी के RETURN मैं भरा था अब आपको सिर्फ 1000 रूपये पे करना है क्युकी  18000 रूपये आप ने जनबरी मैं पे कर दिया था तो आप इस मैं एडवांस को ADJUSTMENT कर सकते हो 
 

12 HSN WISE SUMMARY OF OUTWORLD SUPPLIES 

 
आप सब को पता होगा की GST मैं हर आइटम या प्रोडक्ट का एक code होता है जिसे हम HSN code कहते है वो हर आइटम और  प्रोडक्ट का एक अलग code होता है वही CODE WISE आपकी SUMMERY इसमें आप भर सकते हो ये SUMMERY आपकी   सेल की होती है  13 DOCUMENT ISSUE –  इसमें आप ने कितने बिल दिखाए है वो काउंट हो कर इसमें SHOW होगा 
 

11A -AMENDED TAX LIBILITY ADVANCE RECeIVED 

 
अगर आप ने पिछले पिछले महीने या 2 या तीन महीने पहले कोई एडवांस भरा तो और उस टाइम आप से कोई गलती हुई थी अगर आप ने एडवांस की जगह किसी और भाग मैं दिखाया है तो आप जब next RETURN फाइल करते हो तो आपको अपनी गलती इसमें  सुधार सकते हो 
 

11B -AMENDED ऑफ़ ADJUSTMENT ऑफ़ एडवांस

 
अगर आप ने पिछले RETURN मैं कोई ADJUSMENT मैं गलती किया है तो आप next RETURN मैं आप इस भाग मैं आप इसको सही कर सकते हो 
 

10-AMENDED B2C  OTHER 

 
आपको बता दिया B2C क्या होता है आप ने अगर B2C की सेल मैं कोई गलती किया है तो आप अपनी NEXT RETURN मैं सुधार सकते हो इस भाग मैं 
 
 
जब आप GSTR1 भरोगे तो आप आसानी से भर सकते हो क्युकी आपको बता होगा कौन सा बैलेंस को कहा भरना है 
 

जीएसटी Return कितने प्रकार के होते हैं

 
 
ये फॉर्म सरकार द्वारा बनाया गया पोर्टल के माध्यम से लिया जाता है ताकि सरकार के पास सारे सेल और PURCHASE का पूरा ब्यौरा मिल सके वो इन gst फॉर्म के माध्यम से लेता है 
 
मान लिया आप ने एक बिज़नेस शुरू किया है उसका लिए कोई भी कही कुछ जमा नही करना है आप अपनी मर्जी से किसी भी प्रोडक्ट  का कुछ भी मूल्य रख दोगे और दूसरा यापरी कुछ और सारा सिस्टम जो है वो खराब हो जायेगा और सरकार के पास ना पैसा जायेगा TAX के रूप मैं 
 
gst जो है एक जैसे प्रोडक्ट को सामान रेट पर रखता है क्युकी इन प्रोडक्ट का टैक्स सामान ही रहेगा चाहे आप ने वो प्रोडक्ट इंडिया के  किसी भी कोने कही से भी खरीद सकते हो  वो सारे टैक्स जो है वो इन फॉर्म के रूम मैं लेता है ये फॉर्म मैं बस आपके बिज़नेस का ब्यौरा ही भरा जाता है ताकि  आपका कितना input है कितना आउटपुट है और कितना टैक्स जो है वो आपको देना है या आपका टैक्स कटना बचा है  आपका सेल कितना है आप ने कितनी खरीदारी की है 
 

GST फॉर्म पर आपके बिज़नेस के लिए कौन सा gst फॉर्म जरुरी है 

 
आपको gst फॉर्म भरना है वो फॉर्म किस बिज़नेस के लिए कौन सा फॉर्म भरना है GST फॉर्म मैं तो ही लोग होते है एक REGISTRED यूजर और UNREGISTRED यूजर और एक GST कम्पोजीशन स्कीम और इन फॉर्म को हम अलग अलग केटेगरी मैं देखेगे 
 

कम्पोजीशन स्कीम क्या है 

 
आपका अगर छोड़ा बिसनेस है तो आप इस स्कीम को चुन सकते हो 
अगर आपका सालाना टर्न ओवर 20 लाख से ज्यदा है और 72 लाख रूपये से कम है तो आप इस स्कीम मैं रजिस्ट्रेशन करवा सकते है इसमें बिज़नेस मैन ना तो gst को वसूल सकता है ना ही input टैक्स को क्लेम ले सकता है input टैक्स का मतलब जो बिज़नेस मैन सामान या बिज़नेस मैं इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट पर जो gst लगता है वो क्लेम नही कर सकता है 
 

gst रजिस्ट्रेशन बिज़नेस 

 
जिनका बिज़नेस gst मैं रजिस्ट्रेशन है उनके लिए कौन कौन से फॉर्म है और कौन कौन से फॉर्म भरना जरुरी है 

 GST R 3B क्या है 

 
GSTR -3B मैं हम अपने सेल की डिटेल देते है ये सबसे पहली डिटेल होती है और PURCHASE का सिर्फ हम टैक्स फीड करते है और कुछ नही भरना पड़ता  GSTR3B एक समरी रिपोर्ट होती है जो GST R1 से पहले भरी जाती है gst3B मैं आपको अपनी गलती सुधारने का मौका दिया जातां है इसमें आप को अपना अंदाज़ा मिलता है की आपका इतना सेल हो चूका है 
 

GSTR1  क्या है आये जानते है 

 
जो बिज़नेस टैक्स पे करता है उसको ये RETURN भरना अनिवार्य है इस RETURN मैं आपको अपनी बिज़नेस की पिछले महीने की किसी भी प्रकार की सेल होती है उसकी सारी डिटेल भरनी पड़ती है 
आपको GST की एक्चुअल DUE DATE आपको GST की वेबसाइट पर मिल जाएगी 
 

gstr 1 kya hai in hindi 

आपके पास जो भी एकाउंटिंग का सॉफ्टवेर है आपको उसमे GST R 1  का फाइल create करना है आपको वो फाइल अपलोड कर देना है अपलोड करते ही आपके पास पूरी सेल की डिटेल आ जाएगी सेकंड आप्शन आप उसी टाइम ऑनलाइन सारी सेल की डिटेल भर सकते है  इसमें आपको 13 प्रकार के डिटेल पूछे जाते है आपको
 वो भरना पड़ेगा GSTR1 कसे भरते है इसकी फुल जानकारी अगले आर्टिकल मैं मिलेगा 
 

GSTR 2A in Hindi

ये कोई RETURN नही है ये जब हम GSTR 1 फाइल कर देते है टिक उसके कुछ दिन बाद ये जो डिटेल हमने GSTR1 मैं भर देते है  वही डिटेल जिसने हमारा माल खरीदा है उसके पास वो सारी बिल की डिटेल शो होने लगती है और हमने जो माल ख़रीदा है उसकी  डिटेल हमारे पास शो होने लगती है 
 
इससे हम ने जहा से मॉल ख़रीदा है  क्या उसने वो बिल GSTR 1 की फाइल करते वक्त लिया है अगर लिया है तो आपके पास वो बिल gst 2A  मैं शो करेगा आपको पता चल जायेगा अगर कोई गलती है तो आप उसे सुधार सकते हो क्युकी आपको उसका input टैक्स  भी तो लेना है 
 
और आप ने भी माल बेचा है और आप GSTR 1 फाइल किया है तो जिसने भी आपका माल खरीदा है उसके पास भी आपके सारी बिल की डिटेल शो करेगी आखिर उसको भी उन सभी बिल का input टैक्स लेना है अगर कोई गलती किया है तो वो सुधार सके 
 

GSTR-2 क्या है

 
GSTR -2 मैं हर तरह की जो हमने माल ख़रीदा है उसका सारा ब्यौरा देना होता है जिसे हम INWORLD सप्लायर कहते है इसमें PURCHASE का डाटा आटोमेटिक उठा लेता है अगर सामने वाली पार्टी ने GSTR 1 भरी होगी क्युकी अगर आपकी सेल होगी तो सामने वाली पार्टी की PURCHASE होगी तो सभी के पास अपनी अपनी PURCHASE की डिटेल आ जाती है अगर आपके पास ये लगता है की आपका कोई बिल नही आया है तो आप मैन्युअल add कर सकते हो और उसका input ले सकते हो 
 

GSTR-1 A क्या है आये जानते है 

 
GSTR2 भरने के बाद वो  जो डाटा आप ने भरा है वो GSTR-1 A मैं अपने आप वो सारा डाटा देखने को मिल जाता और जो डाटा आप  ने change या करेक्ट किया है उसके पास उसे REJECT और एक्सेप्ट करने को आप्शन आता है अगर आपका डाटा सही है तो वो एक्सेप्ट करता है नही रिजेक्ट कर सकता है 
 

GSTR-3  क्या है आये जानते है 

 
जब आप GSTR -1 भर लेते हो और GSTR -2  भर लेते हो तो GST सिस्टम मैं ये फॉर्म शो होने लगता है इसमें आपको सेल और  PURHCASE का पूरी डिटेल होती है इससे GST सिस्टम को ये पता चल जाता है कीआपको  टैक्स जमा करना है या आपका input  टैक्स कितना बचता है या आपको कितना टैक्स वापस मिलना है 
 

GSTR -3 A  फॉर्म क्या है 

ये फॉर्म उन लोगो के लिए है जिसने GST की MONTHLY RETURN नही भरी है उनको नोटिस दिया जाता है की वो GSTR -3A के रूप मैं अपनी RETURN को फाइल करे 
 

gstr 9 kya hai in hindi

ये आपकी वार्षिक RETURN होती है इसमें आप ने 12 बार GST -3 को फाइल किया होगा जिसमे सेल और PURCHASE की पूरी  डिटेल होती है वो सभी डिटेल इसमें देनी होती है आपको एक्सपोर्ट इम्पोर्ट की सभी प्रकार की डिटेल देनी होती है  जो कम्पोजीशन स्कीम के अंदर आते है उनको कौन कौन से फॉर्म भरने की जरुरत है (GST COMPOSITION  FORM )
 

GSTR -4 A  क्या है आये जानते है 

 
ये फॉर्म एक तरह को CROSSCHECK फॉर्म है इसमें आप ने जिंतनी भी PURCHASE की है उन सब का ब्यौरा देना पड़ता है ये सब जानकारी आपके सामने वाली पार्टी ने जो GSTR1  मैं भरी है वो सभी जानकारी आपको शो करती है जैसे gstR -2 A  फॉर्म होता है  टिक वैसे ही काम करता है  ये फॉर्म कम्पोजीशन वालो को हर तीन महीने मैं जमा करना पड़ता है 
 

gstr 4 kya hai in hindi

अगर आप कम्पोजीशन स्कीम के अंतर्गत है तो आपको ये RETURN हर तीन महीने मैं भरनी होती है इसमे आपको सभी प्रकार की  सेल की जानकारी देनी होती है जिसे हम OUTWORLD सप्लायर की डिटेल भी कहते है इसमें आप ने कितना टैक्स जमा किया है  उसका विवरण देना होता है और आपको पता चल जाता है की आपको कितना टैक्स जमा करना है 
 

gstr 9 kya hai in hindi

 
जो बिज़नेस कम्पोजीशन स्कीम के अंदर है उन लोगो को ये RETUN सालाना भरना होता है इसमें जो RETRUN तीन महीने मैं भरी हुई होती है वही चारो RETRURN का ब्यौरा इसमे देना होता है 
 विदेश यापरियो के लिए (GST RETURN फॉर NON इंडियन बिज़नेसमैन )जो इंसान किसी और देश का है वो इंडिया मैं अपना बिज़नेस करता है उसके लिए ये फॉर्म है 
 

gstr 5 kya hai in hindi

 
ये किसी अन्य देश से इंडिया मैं अपना बिज़नेस करते है उनके लिए है इसमें उनको हर महीने ये RETURN फाइल करनी होती है इसमें उसको कितना इम्पोर्ट किया है और कितना बिक्री हुई है कितना टैक्स दिया है और कितना उसको टैक्स वापस  मिलेगा और सेल की पूरी डिटेल आपको इस RETRUN मैं देना होता है  इस तरह के टैक्सपेयर को अगर अपना GST रजिस्ट्रेशन कैंसिल करना है तो आपको एक हफ्ते पहले GSTR फाइल करना होगा 
 

GST RETRUN FOR INPUT DISTIBUTER (इनपुट सर्विस DISTIBUTER )

 
बहुत ये होता है आपको समझना जरुरी होता है जैसे बहुत सी बड़ी बड़ी कम्पनी होती है वो DISTRIBUSTER होते है उनका सेल  करने के लिए पर उनका input टैक्स भी तो बटना होता है जो वो मॉल को PURCHASE करते है  जितना input टैक्स कम्पनी के पास जमा होता है तो उस कम्पनी को ये अधिकार है की वो input टैक्स जो है वो अपने DISTRIBUTER मैं बाट दे  और उनका जो एक्चुअल टैक्स बनता है वो उनको पता चल जाये 
 

gstr 6A kya hai in hindi

 
जैसे ही आपके सप्लायर GSTR1 RETURN को फाइल कर देते है तो आपके पास ये फॉर्म आपके पास GENERATE हो जायेगा  इसमें आपने जितनी भी PURCHASE किया है वो सारी डिटेल आपके पास आएगा आपको सिर्फ कन्फर्म करना होता है 

gstr 6 kya hai in hindi

जैसे ही  DISTRIBUTER द्वारा ये डिटेल कन्फर्म या करेक्ट कर ली जाती है तो आपके पास GSTR6 GENERATE हो जाता है ये  फॉर्म आपको MONTHLY बेस पर भरना पड़ता है इसमें ITC की पूरी जानकारी भरनी पड़ती है  TDS काटने वाले कौन कौन सा फॉर्म भरना जरुरी है ( TDS डिडक्शन फॉर्म on gst )
 
जो कम्पनी TDS काटती है या TDS DEDUCT करती है उनको ये फॉर्म मैं डिटेल भरना जरुरी है 
 

gstr 7 kya hai in hindi

 
जो कम्पनी पुरे महीने मैं कितना TDS का डिडक्शन किया है उनकी डिटेल इस फॉर्म मैं भरनी होती है ये हर महीने देनी होती है 
  

gstr 7A kya hai in hindi

 
आप ने जैसे ही GSTR7  की RETURN को फाइल कर दिया है तो आपके अकाउंट GSTR -7 A GENERATE हो जायेगा ये सिर्फ  आप ने जो भी TDS सरकार को जमा कराया है या पेमेंट किया है उसका एक TDS सर्टिफिकेट होता है आप यहा से सेव कर के अपने  रिकॉर्ड मैं रख सकते हो 
 
ECOMMERCE कम्पनी या ऑनलाइन शोपिंग कम्पनी के लिए कौन कौन से फॉर्म भरना जरुरी है आये जानते है 

gstr 8 kya hai in hindi

अगर आप एक ऑनलाइन सेल्लिंग कम्पनी चलते है तो आपको ये फॉर्म भरना पड़ेगा इसमें आप ने कितना टैक्स को कलेक्ट किया है उसकी डिटेल इसमें भरनी पड़ती है और आपको हर महीने ये RETRUN फाइल करनी पड़ती है  GOVERMENT डिपार्टमेंट के लिए GST मैं कौन कौन सा फॉर्म भरना पड़ता है 

GSTR-11 फॉर्म  क्या है आये जानते है 

ये RETURN सरकारी सस्थाओ को भरना पड़ता है उनको एक UIN नंबर दिया जाता है ( यूनिक INDENTIFICATION नंबर ) इस फॉर्म मैं उनको PURCHASE की डिटेल भरना पड़ता है 
 

GST OTHER फॉर्म क्या है आये जानते है 

 

GSTR -9B  फॉर्म क्या है 

 
जिनका बिज़नेस या टर्न ओवर एक करोड़ से ऊपर का है उनको ये RETURN भरना पड़ता है ये एक MILANSUCHI होता है या हम इसे ऑडिट अकाउंट अनुअल भी कह सकते है और ये किसी किसी सक्षम अधिकारी की और से प्रमाणित किया जाना चाइये 
 

GSTR -10 क्या है आये जानते है 

 
जिन लोगो ने अपना GST नंबर को सरेंडर कर दिया है या उनका gst नंबर कैंसिल हो गया है ये फॉर्म उन लोगो के लिए है उन्हें ये फॉर्मतीन महीने के अन्दर अन्दर भर कर जमा करानी होती है इसमें उनको सभी प्रकार की टैक्स की डिटेल देनी होती है जैसे input टैक्स कैपिटल गुड कुल देनदारिय आदि 

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