golden rules of accounting in hindi | 3 गोल्डन रूल्स ऑफ अकाउंट | what is accounting in hindi

ये rule जो है वो डेबिट और क्रेडिट को दर्शाता है आज भी इन्टरनेट पर उस language मैं नही बताया गया है की सभी को समझ आ जाये पर आज आप लोगो को अच्छे से समझ आ जायेगा और आज हम accountancy in hindi मैं सभी रूल को जानेगे और account kya hai कितने प्रकार के है 

golden rules of accounting in hindi मैं दो rule होते है और ये आम दौर पर डेबिट और क्रेडिट के rule माने जाते है

types of accounting in hindi -अकाउंट कितने प्रकार के होते है जाने 

1 .व्यक्तिगत खाते (personal account in hindi )

2 . अव्यक्तिगत (impersonal accounts )

Contents

अव्यक्तिगत खाते मैं ही दो और खाते होते होते है 

golden rules of accounting in hindi | 3 गोल्डन रूल्स ऑफ अकाउंट

personal real nominal account rules in Hindi

A . वास्तविक खाता (REAL accounts )

B .नाममात्र खाते ( NOMINAL accounts )

पर्सनल अकाउंट किसे कहते हैं -personal account in Hindi मैं जाने 

व्यक्तिगत खाते को वो खाते होते है जो किसी यक्ति फर्म या संस्था के नाम पर खोले जाते है जैसे रहीम का खाता , शराफत हुसैन का खाता , अगरवाल बुक डीपो का खता बैंक का खाता तथा thedkz का खाता आदि बिज़नेस के स्वामी का पूंजी खाता भी इसी मैं आता है आहरण नही व्यक्तिगत खाता होता है  और यक्तिगत खाते के साथ (ACCOUNT )  सॉर्ट (  A/C )  शब्द लिखना अनिवार्य नही है समान्यता व्यक्तिगत खाते व्यक्तियों को दी जाने वाली राशी या  व्यक्तियों से प्राप्त होने वाली राशी जानने के लिए खोले जाते है इस खाते को तीन भागो मैं  बाटा गया है

A . प्राकृतिक व्यक्तिगत खाते (  Natural personal accounts )

ऐसे खाते जो प्राकृतिक व्यक्तियों से सम्बधित होते है उसे प्राकृतिक व्यक्तिगत खाता कहलाता है जैसे सोहन का खाता , रवि का खाता , गगन का खाता , मीनू का खाता ,  रोजी का खाता आदि

b .  क्रेतीरिम व्यक्तिगत खाते ( Artificial personal accounts )

ऐसे खाते को क्रित्रिम व्यक्तियों से सम्बधित होते है और वो आर्टिफीसियल खाते कहलाते है आर्टिफीसियल व्यक्ति से अभिप्राय ऐसे व्यक्ति से होता है जिसकी उत्पति किसी अधिनियम के अंतर्ग्रत हुई हो . आर्टिफीसियल व्यक्ति का मानवीय व्यक्ति की तरह से भौतिक आस्तिव नही होता  लेकिन कानून की दृष्टि मैं उन्हें वैधानिक व्यक्ति माना जाता है फर्म संस्था निगम या कंपनियों से सम्बधित खाते इस  केटेगरी मैं आते है , बिरला ट्रेडर्स का खाता ,  डी ए वी का खाता , कंट्री क्लब का खाता आदि

प्रतिनिधित्व व्यक्तिगत खाते ( Representative personal accounts )

ऐसे खाते जो अदत और पूर्वदत मदों हेतु किसी व्यक्ति के समूह से सम्बधित होते है प्रतिनिधित्व व्यक्तिगत खाते कहलाते है उदाहरन के लिए यदि कर्मचारी का पिछले तीन माह का वेतन अदत है तो ये कर्मचारी कम्पनी के लेनदार बन जायेगे और सभी कर्मचारी का प्रतिनिधित्व करेगे अत यह एक व्यक्तिगत खाता है सभी कर्मचारियों का अदत वेतन सामूहिक रूप से इस खाते मैं दिखाया जायेगा इस प्रकार के खातो का उदाहरन है पूर्वदत बीमा खाता , मजदूरी खाता , अदत किराया खाता

golden rules of accounting in hind-गोल्डन रूल्स ऑफ एकाउंटिंग इन हिंदी 

व्यक्तिगत खातो डेबिट क्रेडिट का नियम ( rule of debit and credit ) personal account  

व्यक्तिगत खातो के सम्बद्ध मैं डेबिट और क्रेडिट करने का नियम है प्राप्त करने वाले को डेबिट तथा देने वाले को क्रेडिट किया जायेगा ( debit the receiver and credit the giver )  उपर्युक्त नियम को निम्लिखित उदाहरन की सहायता से समझा जा सकता है

उदाहरण – 1 . अर्जुन को 15000 का भुगतान किया ( cash paid to Arjun 15000) उपर्युक्त लेन देन दो खाते अर्जुन का खाता और रोकड़ का खाता प्रभावित हो रहे है इस नियम के अनुसार , अर्जुन रोकड़ का प्राप्तकर्ता है और उसे लाभ प्राप्त हो रहा है इसलिए उसे डेबिट किया जायेगा और दूसरी तरफ रोकड़ बिज़नेस से बहार जा रही है इसलिए उसे क्रेडिट किया जायेगा

Arjun ( debit the receiver )  Dr    15000

To cash account          Cr      15000

उधाह्र्ण 2 . रवि से 20000 रूपये प्राप्त किये ( Received from Uday Rs.  20000) उपर्युक्त लेन देन मैं दो खाते उदय का खाता तथा रोकड़ खाता प्रभावित हो  रहे है इस नियम के अनुसार , रोकड़ बिज़नेस मैं आ रही है इसलिए उसे डेबिट किया जायेगा और और उदय रोकड़ दे रहा है या वो लाभ को देने वाला है इसलिए उसे क्रेडिट किया जायेगा

Cash Account        Dr .      20000

To Uday ( Credit the giver )       Cr   20000

अव्यक्तिगत खाते ( impersonal Accounts ) :- ये खाते दो प्रकार के होते है

i वास्तविक खाते ( Real Accounts )

ऐसे खाते जो व्यवसाय की सम्पतियो  ( देनदार को छोडकर )  से सम्बधित होते है वास्तविक खाते कहलाते है जैसे रोकड़ फर्नीचर , मशीनरी , भवन , आदि , प्रत्येक व्यवसाय के पास भिन्न भिन्न प्रकार की सम्पतिया होती है प्रत्येक सम्पति के लिए अलग खाता खोला जाता है ये खाते व्यवसायिक उपक्रम द्वारा सम्पति का वितीय मूल्य जानने के लिए खोले जाते है इनका वर्गीकरण इस प्रकार है

ii) मूर्त वास्तविक खाते ( tangible assets accounts )

इनके अंतर गर्त उन सम्पतियो के खाते आते है जिन्हें छुआ जा सकता  देखा जा सकता है अनुभव किया जा सकता है  जिनका क्रय विक्रय किया जा सकता है इस प्रकार के खातो के उधाह्र्ण है रोकड़ खाता , मशीनरी खाता , भवन खाता , कंप्यूटर खाता , वाहन खाता , और यह जानना भी मत्वपूर्ण है की बैंक खाता बैंकिंग कम्पनी से सम्बधित होता है इसलिए ये कृतिम व्यक्तिगत खाता माना जाता है

अमूर्त वास्तविक खाते ( intangible assets accounts )

इनके अंतर्गत उन सम्पतियो के खाते आते है जिन्हें छुआ और देखा नही जा सकता लेकिन उनका मौद्रिक के खाते आते है जिन्हें छुआ और देखा नही जा सकता है लेकिन उनका मौद्रिक मूल्य होता है इस प्रकार के खाते के उदाहरन है – ख्याति खाता , पेटेंट्स खाता , ट्रेडमार्क खाता आदि

डेबिट और क्रेडिट के नियम (  Rule of  Debit and credit ) वास्तविक खाता REAL accounts

वास्तविक खातो के सम्बद्ध मैं डेबिट और क्रेडिट करने का नियम या rule – जो आता है उसे डेबिट और जो जाता है उसे क्रेडिट किया जाता है (debit what comes in and credit what goes out ) उपर्युक्त नियम को निम्लिखित उदाहरन की सहायता से समझा जा सकता है

उधाह्र्ण 1 – नकद मैं 500000 का प्लाट ख़रीदा ( plant purchased for cash 500000)  उपरोक्त लेन देन से दो खाते – प्लांट खाता तथा रोकड़ खाता प्रभावित होते है इस नियम के अनुसार प्लांट बिज़नेस मैं आ रहा है इसलिए ये डेबिट किया जायेगा और कैश बिज़नेस से बहार जा रहा है इसलिए ये क्रेडिट होगी इस करण से ये एंट्री इस प्रकार होगी

plant (debit what comes in ) Dr 500000

To cash account (credit what goes out ) 500000

ii ) नाममात्र खाते Nominal account meaning in Hindi

ऐसे खाते जो खर्चो और हानियों और आयो और लाभों से सम्बद्ध रखते है वो नाममात्र खाते कहलाते है इन खातो का कोई भी आस्तिव नही होता है इसलिए इन्हें नाममात्र खाते कहा जाता है बीमा खाता , किराया खाता , मजदूरी खाता , वेतन खाता ,कमिशन खाता , तथा discount खाता आदि खर्चे के उधारन है जबकि प्राप्त कमीसन प्राप्त ब्याज प्राप्त कटोती आदि आयो के उदाहरन है

नाममात्र खातो के सम्बद्ध डेबिट क्रेडिट के नियम (account golden rule in Hindi)

इसमें सभी खर्चो और हानियों को डेबिट तथा सभी आयो और लाभों को क्रेडिट किया जाता है (debit all expenses and losses and credit all incomes all gains)

उधाह्र्ण – salaries paid to 30000

salaries account ( debit the expenses ) Dr  30000

To cash account 30000

उधाह्र्ण – received commission 60000

cash account Dr    60000

To commission account ( credit the income ) 60000

NOTE-आशा करते है की आपको golden rules of accounting in hindi  समझ मैं आया होगा अगर आपको अच्छा लगा तो आप हमे फीडबैक जरूर देना

 

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golden rules of accounting in hindi question answered 

क्रेडिट क्या होता है

जब एक राशि को एक खाते के दायीं और लिखा जाता है तो इसे क्रेडिट कहते है

डेबिट क्या होता है

जब एक राशि को एक खाते के बायीं तरफ की और लिखा जाता है तो इसे डेबिट कहते है

अगर पूंजी में कमी होती है तो उसे पूंजी खाते के किस तरफ लिखा जाता है

उसे डेबिट तरफ लिखा जाता है

कौन सा खाता डेबिट होना चाइये यदि मशीन लगवाने के लिए मजदूरी देनी है

मशीन एकाउंट

वास्तविक खाते का क्या नियम है

जो आता है उसे डेबिट करो और जो जाता है उसे क्रेडिट करो

व्यक्तिगत खाते के नियम बताओ

जो आ रहा है उसे डेबिट और देने वालो को क्रेडिट किया जाता है

नाममात्र खाते क्या होते है

नाममात्र खातों में सभी खर्च और हानियों और आयो तथा लाभो के खाते को इसमें शामिल किया जाता है

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