depreciation meaning in hindi | ह्रास (depreciation) क्या है

अपने बिज़नेस मैं लाभ कमाने के लिए और अपने बिज़नेस को सही तरीके से चलाने के लिए हम बिज़नेस मैं बहुत सी सम्पतियो को इस्तेमाल करती है जैसे भूमि ,भवन ,प्लांट ,मशीनरी ,कंप्यूटर ,फर्नीचर ,कार्यालय के वाहन आदि सम्पतिया होती है ये सम्पतिया बिज़नेस को लाभ कमा कर देती है ये लगातार इस्तेमाल किये जाते है और लगातार इस्तेमाल करने के कारण इनके मूल्य मैं गिरावट आती है और स्थायी सम्पतियो के के मूल्य के गिरावट को ही हम ह्रास (depreciation) कहते है और हमे हर साल बिज़नेस के सही लाभ और हानि का पता लगाने के लिए हमे इन सम्पतियो का सही मूल्य का पता जरुर होना चाहिए और ये जरुरी भी है

इसके नियम का अलग अलग स्पेसिलिस्ट ने ये कहा है

आर एन कार्टन – आर अन कार्टन कहते है की अगर स्थायी  सम्पति मैं किसी भी कारण से  कमी आती है तो वो ह्रास (depreciation) कहलाती है

विलियम पिकिल्स – ये कहते है ह्रास (depreciation) सम्पति के गुण और परिणाम और स्थायी सम्पतियो के मूल्य मैं निरतर कमी को हम ह्रास (depreciation)  कहते है

जे के आर बाटली – ये कहते है की ये एक समान्य ज्ञान की बात है की हम सभी स्थायी सम्पतियो जैसे प्लांट , मशीनरी और भवन फर्नीचर आदि जैसे जैसे पुराने होते जाते है उनके मूल्य मैं भी कमी आती जाती है और निरतर इस्तेमाल से ये खत्म हो जाती है

ह्रास की विशेषताए क्या है | characteristics of depreciation In hindi

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