जीएसटी अधिनियम, 2017 की सभी धाराओं की जानकारी

कुल टर्नओवर : इसकी परिभाषाय इस प्रकार है क्या आपको पता है की टर्न ओवर मैं क्या क्या लेते है चलो जानते है

सभी जीएसटी अधिनियम 2017 के अनुसार

1 . सभी योग्य सप्लाई

2 . टैक्स से मुक्त सप्लाई

3 . वस्तुओ और सेवाओ या दोनों का निर्यात (export)

4 . अखिल भारतीय आधार पर गणना करने पर समरूप स्थायी खाता संख्या (पैन  नंबर ) वाले व्यक्तियों की अंतरराष्टीय सप्लाई

परतु कुछ इन टर्नओवर से बहार रखा जाता है आये जानते है

1 . सप्लाई का मूल्य , जिस पर किसी व्यक्ति द्वारा रिवर्स चार्ज (RCM) पर कर देय होता है

2 . सेंट्रल टैक्स , स्टेट टैक्स ,संघ शासित प्रदेश टैक्स (UT) , Integrated टैक्स 

हम आपको उदाहरन के द्वारा समझाते है : (a) यदि एक डेयरी की दूकान दूध ( कर से मुक्त ) और मखन , छेना आदि (कर योग्य ) बेच रही है है ,तो उसके टर्नओवर में दूध की बिक्री के साथ साथ मखन , छेना आदि की बिक्री भी सामिल होती है | यदि दूध की बिक्री रूपये 35 लाख है और मखन , छेना आदि की बिक्री रूपये 6 लाख है तो व्यक्ति पंजीकरण के लिए उतरदायी होता है, क्युकी कुल टर्नओवर रूपये 40 लाख की सीमा से अधिक है ( एकमात्र वस्तुओ की आपूर्ति(supply) के लिए पंजीकरण की सीमा रखे )

(b ) आगरा ( उतर परदेश ) एक निर्माता द्वारा गवालियर ( मध्य परदेश ) में सितिथ उसके माल गोदाम में सटाक हस्तनातार्ण को टर्नओवर में सामिल किया जाएगा |

जीएसटी अधिनियम, 2017 की सभी धाराओं की जानकारी

Contents

जीएसटी अधिनियम, 2017 की जानकारी

कारोबार ( business) सी जीएसटी अधिनियम, , 2017 की धारा 2  ( 17 )

कारोबार या व्यपार में निमंलिखित विवरण सामिल है —

(a) कोई व्यापार वाणिज्य (Commercial), निर्माण , पेशा , बिज़नेस  , साहस , दाव या कोई समानिक गतिविधि , चाहे वह एक आर्थिक गतिविधि के लिए है या नहीं

ध्यान दे —

यहाँ तक की कोई व्यपार , निर्माण वान्जिया पेशा , जिसका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं है या उसके कोई लाभ अर्जित नहीं किया जाता है तो भी इसको कारोबार माना जाता है |

उधाहरण—-

अक्षय कुमार एक परषिद अभिनेता कुछ चित्रों को चित्रित करता है और उन्हें बेचता है | एसी बिक्री से जो पर्तिफल आएगा उसको वह एक चेरीटेबल ट्रस्ट को दान करेगी | अभिनेता द्वारा चित्रो की बिक्री को आपूर्ति माना जायेगा भले ही यह एक बार की घटना हो |

(b) उपरोक्त के सम्बन्ध में या उसके सयोगिक या सहयाक कोई गतिविधि या लेनदेन

ध्यान दे 

1 . इस बिंदु b के आधार पर हम यह कह सकते है की यदि मुख्या गतिविधि व्यवसाय की परिभासा में आती है तभी उसकी सहायक गतिविधि कर योग्य है , उधारन के लिए तिरुपति  बालाजी मंदिर द्वारा लडू की बिक्री व्यापार नहीं हो सकती क्युकी मंदिर की मुख्या गतिविधि बिज़नेस  नहीं होती है |

2 . पुराने मशीनरी , पुराने कम्प्यूटर , पुराने फर्नीचर , पुरानी कार , सक्रेप की बिक्री पर जी एसटी लगेगा भले ही कर योग्य व्यक्ति इन सम्पतियो को बेचने का कारोबार न करता हो |

(c )     उपरोक्त (a) की प्रक्रति में की गयी कोई भी गतिविधि या लेनदेन कारोबार की परिभासा में सामिल होगी भले ही उस गतिविधि या लेनदेन की मात्रा , आवुर्ती (Allotment,) निरंतरता या नियमिनता हो या न हो ;

नोट —-   ऐसे लेनदेन जो अनियमित आधार पर किये जाते है वह भी इस बिंदु की वजह से कारोबार की परिभासा में सामिल माना जाएगा |

(d)   व्यवसाय को सुरु करने या बंद करने के सम्बन्ध में वस्तुओ ( पूंजीगत वस्तुओ को सामिल करके ) सेवाओ की आपूर्ति (SUPPLY) या अर्जन Acquisition  करना : (supply or acquisition of goods including capital goods and services in connection with commencement or closure of business )

नोट —–    जब कोई साझेदार फर्म (PARTNERSHIP FIRM) को सुरु करने के लिए अपने पुन्जियोग्दान के रूप में कोई सम्पति या स्टाक लाते है या फर्म के विघटन (Dissolution) के समय जब साझेदार को फर्म के द्वारा कोई सम्पति का विवरण किया जाता है तब इस लेनदेन को वयाव्साए को परिभाषा  में सामिल किया जाता है |

(c ) किसी क्लब , संघ समाज , या वेसी ही संस्था द्वारा उसके सदस्यों के लिए ( किसी अश्दान या किसी अन्य पर्तिफल के लिए ) कोई सुविधा या वयवस्था ;

नोट्स और उद्धरण :    1 . कलब और उसके सदस्यों को अलग अलग व्यक्तियों  के रूप में माना जाता है |

2 .  भोज होल ( banquet hall )/रेस्टोरेंट /खेल सुविधाय / लाइब्रेरी सेवाए इत्यादि एसे कुछ उधारन है जो उप्रोकत्त संस्थाए अपने सदस्यों को पर्दान करती है |

3 . एक रेजिडेंट वेलफेयर एसिओसियन कुछ मामूली सुलको के बदले अपने मेम्बर्स के पानी के बिल जमां करने की सेवा पर्दान करता है | किसी कल्ब या एसिओसियन या समाज द्वारा अपने सदस्यों को सेवा पर्दान करने को आपूर्ति के रूप में माना जाता है क्युकी इसे ‘कारोबार ‘ की परिभासा में सामिल किया गया है |

(f)किसी भी परिसर में प्रतिफल के बदले वक्तियो का परवेश ; ( admission , for a consideration , of person to any permission )

उधारन —-      शुल्क या अन्य प्रतिफल (लाभ )के बदले में मनोरजन पार्क , सिनेमा hall या गेमिंग इवेंट्स जेसे की किसी भी परिसर में परवेस करना

(g) किसी व्यक्ति द्वारा ऐसे पद धारक के रूप में दी गयी सेवाए जो उसने अपने व्यपार , पेशे या कारोबार के दोरान या उसके अगर्सर करके के लिए सवीकार किया जाता है |

नोट —-  यदि एक प्रक्टिसिंग चाटर्ड एकाउनटेंट को कंपनी में सवतंतत्र निर्देशक के रूप में नियुक्त किया जाता है तो इसका अर्थ यह है की उसने यह पद अपने कारोबार के दोरान या उसे अगर्सर करने के लिए सवीकार किया जाता है |

(h)  रेस कल्ब द्वारा टोटलाइजेटर के माध्यम से पर्दान की जाने वाली सेवाए या जेसे कल्ब द्वारा बुक मेकर को अपने कल्ब के लिए लाइसेंस देना ;

ध्यान दे 

1 .  टोटलाइजेटर को एक पार -म्युचुअल मशीन या एक कंप्यूटर कहा जाता है जो दावा रिकॉर्ड करता है और विजेताओ के बीच सरत की कुल राशि को विभाजित करता है |

2 .  एक बूक्मेकर रेस कोर्स या स्पोटिंग ग्राउंड में आम जनता को सटेबाजी की सेवाए पर्दान करता है |

(i)   केन्द्र सरकार , राज्य सरकार या किसी सथानीय प्रधिकरण द्वारा की गयी कोई भी गतिविधि या लेनदेन जिसमे वे सार्वजनिक प्राधिकरण के रूप में लगे हुए है |

नोट    केन्द्र सरकार , राज्य सरकार या किसी सथानीय प्रधिकरण की सप्रभु गतिविधियो पर जीएसटी की छुट है |

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कारोबार का कार्य छेत्र [ जीएसटी अधिनियम, , 2017 की धारा 2 (18 )]

कारोबार कार्य छेत्र में आशय किसी ऐसे उद्मम के विशिष्ट घटक से है जो ऐसे अलग अलग वस्तुओ या सेवाओ की आपूर्ति में लगा हुआ है , जिसके जोखिम और परत्याय अन्य कारोबार कार्य छेत्र में अलग है |

स्पष्टीकरण —- वस्तु और सेवाए सम्भंदित है या नहीं , यह जाने के लिए कारको का ध्यान रखा जाना चाहिए उनमे निमंलिखित सामिल है —

(a)  वस्तु या सेवा की प्रकति ;

(b) उत्पादन प्रक्रियाओ की प्रक्रति ;

(c) वस्तु या सेवाओ के ग्राहक का परकार या वर्ग

(d) वस्तु या सेवाओ की पूर्ति करने के लिए उपयोग की जाने वाली विधिया ; तथा

(e) विनियामक पर्यावरण की प्रक्रति ( जहा भी लागू हो ) इसके अंतर्ग्रत बेंकिंग बिमा , या सार्वजनिक उपयोगिताये आती है ;

प्रतिफल ( consideration ) जीएसटी अधिनियम , 2017 की धारा 2 (31 )

वस्तु या सेवाओं या दोनों के सम्बन्ध में प्रतिफल के अंतर्ग्रत निमंलिखित सामिल है —–

प्रावधान ( provisions )

(a)  वस्तु या सेवा के प्राप्तकर्ता द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा , वस्तु या सेवाओ या दोनों की ‘आपूर्ति  (सप्लाई )  के सम्बन्ध में ‘ या उनके बदले में या उनकी प्रोलोभन (लालच )के सम्बन्ध में चाहे धन के रूप में या अन्य रूप में किया गया या किया जाने वाला कोई भुगतान प्रतिफल कहलायेगा इसमें केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा दी गयी कोई सब्सिडी सामिल नहीं होगी |

(b ) वस्तु या सेवाओ के प्राप्तकर्ता द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा , वस्तु सेवाओ या दोनों की आपूर्ति (सप्लाई)  के सम्बन्ध में या उनके बदले में या उनके प्रोलम्भन में , किसी कार्य को करने या उसे अलग रहने का मोद्रिक मूल्य भी लाभ  माना जायेगा | इसमें केंद्र सरकार या राज्य सरकार दवारा दी गयी कोई सब्सिडी सामिल नहीं होगी |

उधारन सहित विषलेसन ( analysis with examples )

ध्यान दे —

1 . प्रतिफल (लाभ ) मोद्रिक या गैर  मोद्रिक रूप में हो सकता है या आंशिक रूप से मोद्रिक रूप में और आसिक रूप से गेर – मोद्रिक रूप में हो सकता है |

(a) मोद्रिक प्रतिफल में नकदी , चेक या क्रेडिट कार्ड , बैंक ट्रांसफर और बैंक खाते से कटोती द्वारा भुगतान सामिल है |

( b ) गेर मोद्रिक प्रतिफल का अर्थ है वस्तु विनिमय (commodity Exchange ) , आंशिक , विनिमय , कोई काम करने या न करने के लिए सहमती देने से है |

2 . आपूर्ति के सम्बन्ध में या प्रोलभन के सम्बन्ध का अर्थ

(a)  इसका अर्थ है की आपूर्ति और पर्तिफल के बीच एक सीधा सम्बन्ध होना चाहिए |

(b )  प्रोलभन के सम्बन्ध में का मतलब है किसी वयकति को कुछ देना ताकि वह बदले में कुछ और कर दे |

उधारण —-

( i ) एक रेस्टोरेंट के मालिक ने संभावित ग्राहकों को अपने रेस्टोरेंट पर लगाने के लिए यात्रीयों को ले जाने वाली बसों के ड्राइवर को मुफ्त भोजन खिलाने का लाभ  दिया | चूँकि खाली बसों के ड्राइवर को भोजन नहीं दिया जाता है इसलिए यात्रीयों  को रेस्टोरेंट तक लाने के कार्य में और मुफ्त भोजन खिलाने के बीच एक शिधा सम्बन्ध है | यहाँ पर निशुल्क भोजन को प्रतिफल लाभ  माना जाएगा |

(ii ) अनाथ आल्या को दान देना प्रतिफल या लाभ  नहीं माना जायेगा क्युकी बदले में अनाथ आल्या द्वारा दाता को माल या सेवाओ की आपूर्ति या सप्लाई  नहीं है |

3 . प्रतिफल(लाभ ) वस्तु या सेवा के प्राप्तकर्ता द्वारा या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा हो सकता है | श्री राम ने , श्रीमान के साथ एक बाध्यकारी अनुबंध (Binding contract)  किया जिसके अंतरगर्त श्रीमान हतोड़े की सप्लाई श्रीराम को करेगा | यहाँ पर श्रीमान  को प्रतिफल श्रीराम से मिल रहा है भले ही उसने वस्तु की आपूर्ति सप्लाई  श्रीमान से की है |

उदहारण के लिए —–

श्रीमान परवीन AB associates के पाट्नर थे जो फर्म से रिटायर हो रहे है | फर्म ने 1 करोड़ देने के बदले 5 साल के लिए श्रीमान परवीन के साथ गेर ससमता समझोते पर हस्ताकसर करवाए जिसके अंतरगर्त वह 5 साल तक फर्म का प्रतिसपर्धी नहीं बन सकता | इस मामले में , श्रीमान परवीन प्रतिसपर्धी  वयाव्साए को नहीं करने के लिए समझोता कर रहे है जिसको एक कर योग्य आपूर्ति माना जाएगा और उस पर जीएसटी लगाया जाएगा |

अपवाद  ( exception )        वस्तु या सेवाए  या दोनों की आपूर्ति या सप्लाई  के सम्बन्ध में दी गयी जमाराशी  को ऐसी आपूर्ति या सप्लाई  के लिए गए भुगतान के रूप में नहीं माना जायेगा , जब तक आपूर्तिकर्ता या Suppliers ऐसी जमा राशि को आपूर्ति या सप्लाई  के लिए प्रतिफल लाभ के रूप में पर्योग न करे

माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 [ जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 ( 52 ) ]

वस्तु से आशय धन और प्रतिभूतियो या Securities के अलावा हर प्रकार  की चल सम्पति (Movable property) से है जिसमे अभियोज्य  दावे  या  Prosecution claims, उगली फसले , भूमि से जुडी हुई या उसके हिसे के रूप में एसी ख़ास वस्तु सामिल है जिनको आपूर्ति या सप्लाई  से पहले या आपूर्ति सप्लाई  के अनुबंध (  contract) के अंतर्गत  देने की सहमती दी गयी है |

सेवाओं के अर्थ ( meaning of services ) [जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 ( 102 ) ]

वस्तु धन और प्रतिभूतियो या Securities के अलावा प्रतिफल या  लाभ के बदले सब कुछ करना सेवाओ के अंतर्गत  आता है | लेकिन एक एसी गतिविधि जिसके अंतरगर्त किसी करेंसी को नकद या किसी और करेंसी में बदला नहीं जा सकता | और जिसके बदले में अलग से प्रतिफल या लाभ लिया जाता है तब एसी आपूर्ति या सप्लाई  को सेवाओ में सामिल किया जाएगा |

उधारण —-

1 . एक विदेशी मुद्रा डीलर एक मुद्रा को दूसरी मुद्रा में परिवर्तित करने के लिए कमिसन लेता है | जिन सेवाओ की गतिविधियों से सम्बंधित कमिसन अलग से चार्ज किया जाता है उन्हें आपूर्ति या सप्लाई  माना जाता है |

2 .  श्रीमान ने घर के निर्माण के उद्देश्य से बैंक से 5 साल की अवधि के लिए 5 00 ,000 का ऋण लिया | क़िस्त प्रत्येक  महीने के अंत में देय होगी | ऋण लेने के समय श्रीमान ने 5000 के दस्तावेज के शुल्क का भुगतान किया | ऐसे मामलो में ,ऋण लेना सेवाओ की आपूर्ति या सप्लाई  नहीं है लेकिन दस्तावेज शुल्क पर जीएसटी लगेगा |

3 . यदि श्रीमान बैंक में 100, 000  की नकदी जमा करते है तो यह सेवा की आपूर्ति या सप्लाई  नहीं मानी जाती | बैंक में नकदी जमा करने पर जीएसटी नहीं लगता |

पूंजीगत वस्तु ( capital goods ) [ जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 (19 ) ]

पुजिगत वस्तु का अर्थ है एसी वस्तु , जिसके मूल्य को खाते में ऐसे व्यक्ति द्वारा पूंजीकृत किया जाता है जो input टेक्स क्रेडिट लेता है और उस माल को कारोबार के दोरान या उसे अगर्सर करने के लिए इस्तेमाल  किया जाता है या करेगा |

input का अर्थ ( meaning of input ) [जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 (59 )]

input से आशय ऐसी वस्तु से है जो पूंजीगत वस्तु नहीं है तथा जिसका इस्तेमाल आपूर्तिकर्ता (Suppliers) द्वारा कारोबार के दोरान या उसे अग्रसर (Forward) करने के लिए किया जाता है या किया जाएगा |

input सेवा का अर्थ ( meaning of input services ) [जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 (60 ) ]

input सेवा से आशय ऐसी  वस्तु से है जो पूंजीगत वस्तु नहीं है तथा जिसका इस्तेमाल आपूर्तिकर्ता (Suppliers)द्वारा कारोबार के दोरान या उसे अगर्सर (Forward) करने के लिए किया जाता है या किया जाएगा |

input टेक्स का अर्थ ( meaning of input tax ) [ जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 ( 62

किसी पूंजीगर्त व्यक्ति के सम्बन्ध में input कर से आशय वस्तु या सेवाओ या दोनों की आपूर्ति या सप्लाई  पर लगाए गए केन्द्रीय कर , राज्य कर , एकीकृत कर (Integrated tax )या संघ राज्य छेत्र सम्बंधित कर से है और इसके अंतर्गत निमंलिखित प्रावधान सामिल है |

(a) वस्तु के आयात पर लागाये गए एकीकृत वस्तु और सेवाओ कर ;

( b ) CGST अधिनियम  की धारा 9 (3 ) और 9 (4 ) के प्रावधान के तहत रिवर्स चार्ज के रूप में देय कर ;

(c ) IGST अधिनियम की धारा 5  (3 ) और 5  (4 ) के प्रावधान के तहत रिवर्स चार्ज के रूप में देय कर ;

(d) सम्बंधित SGST अधिनियम की धारा अधिनियम  की धारा 9 (3 ) और 9 (4 ) के प्रावधान के तहत रिवर्स चार्ज के रूप में देय कर ; या

(e ) UTGST अधिनियम की धारा अधिनियम  की धारा 7  (3 ) और 7  (4 ) के प्रावधान के तहत रिवर्स चार्ज के रूप में देय कर ;

नोट —- इसके कम्पोजिसन विकल्प के अधीन भुगतान किया गया कर सामिल नहीं है |

आने वाला  ( inward supply)[ सी जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 (67 ) ]

किसी व्यक्ति के सम्बन्ध में आवक्पुर्ती से आशय क्रय अर्जन या किसी अन्य साधन द्वारा प्रतिफल सहित या उसके बिना वस्तु या सेवायो या दोनों की प्राप्ति से हैं |

जाने वाला  ( outward supply ) [ सी जीएसटी अधिनियम, आधिनियम 2017 की धारा 2 ( 83 ) ]

किसी कर योग्य व्यक्ति के सम्बन्ध में जावाक्पुर्ती से आशय कारोबार  के दोरान उसे अगरसर करने के लिए वस्तु या सेवाओ या दोनों की बिक्री स्थानातरण ,बाटर,  विनमय , लाइसेंस , किराया , पटा या निपटान या किसी अन्य तरीके से की गयी आपूर्ति या सप्लाई  से है | यह आपूर्ति या सप्लाई  कारोबार के दोरान या उसे अगर्सर (Forwarder) करने में किसी करार या agreement के अनतरगर्त की जाती है |

प्रधान ( principal )

प्रधान से आशय ऐसे व्यक्ति से है जिसकी और से कोई एजेंट वस्तु या सेवाओ या दोनों की आपूर्ति या सप्लाई  या प्राप्ति का कारोबार करता है |

KHAN GS RESEARCH CENTER youtube चैनल ने GST के बारे मैं पुरे विस्तार से बताया गया है आप देख सकते है

अभिकर्ता ( agent ) [ सी जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2 ( 5 ) ]

एजेंट का अर्थ किसी ऐसे व्यक्ति से है जो वस्तु या सेवाओ की आपूर्ति या सप्लाई  या प्राप्ति या दोनों का व्यवसाय  किसी और के लिए करता और इसमें एक फेक्टर , दलाल , कमिसन , या कोई अन्य व्यापारिक एजेंट जिसे किसी भी नाम से बुलाया जाता है , सामिल है |

सेवाओ के आपूर्तिकर्ता (Suppliers) के स्थान ( location of the supplier of services  ) [ IGST आधिनियम 2017 की धारा 2 ( 15 ) ]

सेवाओ की आपूर्तिकर्ता ((Suppliers) के सथान से आशय नीमन प्रकार  से है ——-

सिचुएशन  ( situation )

1 . अगर आपूर्ति ऐसे कारोबार के स्थान से की जाती है जिसके लिए पंजीकरण प्राप्त किया गया है |

2 . अगर आपूर्ति व्यापार के उस स्थान से भीन किसी अन्य ऐसे स्थान से की जाती है , जिसके लिए पंजीकरण प्राप्त किया गया है | ( इसका अर्थ कही भी स्थापित प्रतिष्ठान से है |

3 . अगर आपूर्ति एक से अधीक प्रतिष्ठान जकी जाती है , चाहे वह कारोबार का स्थान हो या स्थापित प्रतिष्ठान हो |

4 . उपरोक्त सभी सथानो के अभाव है |

आपूर्तिकर्ता का स्थान ( location of the supplier )

1 .जिस स्थान का पंजीकरण करवाया गया है उस स्थान को सेवाओ के आपूर्तिकर्ता का स्थान माना जाएगा

2 . इस तरह के सथापित प्रतिष्ठान के स्थान को सेवाओ के आपूर्तिकर्ता का स्थान माना जायेगा |

3 . जिस प्रतिष्ठान (establishment) का आपूर्ति (सप्लाई)   से सबसे सधे सम्बन्ध हो उस स्थान को सेवाओं के आपूर्तिकर्ता (Suppliers)  का स्थान माना जायेगा |

4 . आपूर्तिकर्ता (Suppliers) के सामान्य निवास स्थान को सेवाओ के आपूर्तिकर्ता (Suppliers) का स्थान माना जायेगा |

टिपणी — उपरोक्त परिभाषा  केवल सेवाओ से सम्बन्धी है |वस्तु के आपूर्तिकर्ता  (Suppliers) के स्थान के सब्द को अधिनियम में कही भी परिभासा नहीं किया गया है |

सेवाओ के प्राप्तिकर्ता का स्थान ( location of the recipient of services ) [ IGST आधिनियम 2017 की धारा 2 ( 14 ) ]

सेवाओ के परापतीकर्ता के स्थान का अर्थ निमंलिखित बातो से लगाया जा सकता है —

परिस्तिथ ( situation )

1 . अगर आपूर्ति या सप्लाई  ऐसे कारोबार के स्थान से प्राप्त की जाती है जिसके लिए पंजीकरण प्राप्त किया गया है |

2 . अगर आपूर्ति  या सप्लाई  व्यपार के उस स्थान से भीन किसी अन्य ऐसे स्थान से प्राप्त की जाती है जिनके लिए पंजीकरण प्राप्त किया गया है ( इसका अर्थ कही भी स्थापित प्रतिष्ठान (Establishment) से है )

3 . अगर आपूर्ति एक से अधिक प्रतिष्ठान से प्राप्त की जाती है , चाहे वह कारोबार का स्थान हो या स्थापित प्रतिष्ठान हो |

4 . उपरोक्त सभी सथानो के अभाव में |

सेवाओ के प्राप्तिकर्ता (Receiver) के स्थान ( location of the  recipient of services )

1 . जिस स्थान का पंजीकरण करवाया गया है उस स्थान को सेवाओ के प्रतिकर्ता का स्थान(Receiver)माना जाएगा |

2 . इस तरह के स्थापित प्रतिष्ठान (Establishment ) के सथान को सेवाओ के प्राप्तिकर्ता (Receiver) का स्थान माना जायेगा |

3 . जिस प्रतिष्ठान  (Establishment) का आपूर्ति  (supply) ( से सबसे शीधे सम्बन्ध हो उस स्थान को सेवाओ के प्राप्तिकर्ता (Receiver) का स्थान माना जाएगा |

4 . आपूर्तिकर्ता  (Suppliers) के सामान्य निवास स्थान को सेवाओ के प्राप्तिकर्ता (Receiver) का स्थान माना जायेगा |

व्यापार का साधन ( place of business ) [ सी जी एस टी आधिनियम 2017 की धारा 2 ( 85 ) ]

व्यपार के स्थान में निमंलिखित सामिल है —-

( a ) ऐसी  स्थान जहा आमतौर

पर व्यपार किया जाता है और इसके अनतरगर्त कोई भण्डार , गृह , गोदाम या कोई अन्य स्थान भी है , जहा कर योग्य व्यक्ति अपनी वस्तु का भण्डार करता है वस्तुओ या सेवाओ या दोनों की आपूर्ति या सप्लाई  करता है या प्राप्त कारता है |

( b ) वह स्थान जहा कर योग्य व्यक्ति अपनी लेखा पुस्तकों को रखता है |

( c ) वह स्थान जहा कर योग्य व्यक्ति किसी एजेंट के माध्यम से व्यपार में लगा हुआ है |

व्यक्ति ( person ) [ सी जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 2( 84 ) ]

व्यक्ति के अंतरगर्त निमंलिखित सामिल है —

(a ) कोई व्यक्ति

(b ) एक हिन्दू अविभाजित परिवार

( c ) एक कंपनी

( d ) एक फर्म

(e ) सिमित दायित्व साझेदारी

(f) भारत में या भारत के बाहर व्यक्तियों या समुदाय या संघ चाहे निगमित हो या नही |

(g ) किसी केंद्रीय अधिनियम या राज्य आधिनियम, या प्रांतीय अधिनियम द्वारा या उसके अधीन सथापित कोई निगम या सरकारी कंपनी |

(h) भारत के बाहर निगमित निकाय

(i )सहकारी समिति |

(j) एक सथानीय प्राधिकरण |

(k) केंद्र सरकार या राज्य सरकार

(l) सोसईट पंजीकरण अधिनियम , 1860 के अंतरगर्त परिभाषित सोसईट |

(m) ट्रस्ट |

(n) पर्तेक कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति |

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