car dashboard signs | dashboard signs and meaning in hindi

car dashboard signs and meaning आज हम बात करगे CAR DASHBOARD /मीटर वारनिंग लाइट के बारे में |

ये लाइट क्या है  ,इन लाइट का मतलब क्या है ,

जब आप अपनी कार की key को on करते है तो आपके मीटर में बहुत सी लाइट आती है ,जो आपको अलग अलग मतलब बताती है | पर ये लाइट सिर्फ key on करने पर ही आती है ,जब आप कार स्टार्ट करते हे और आपकी कार स्टार्ट हो जाती है

उसके बाद इन वारनिंग लाइट में से कोई लाइट मीटर में दिखाई नहीं देती , सब लाइट्स चली जाती है ,परन्तु अगर आपकी कार स्टार्ट होने के बाद भी मीटर में कोई भी लाइट दिखाई दे रही है तो इसका मतलब आपकी कार में कोई प्रोब्लम आ गयी है

और जो लाइट आएगी उसे आपको प्रॉब्लम का आईडिया हो जायेगा |परन्तु ये लाइट अलग अलग कलर में आती है और उस कलर से ही पता चलता है आप कार चला सकते हो या नहीं , रेड कलर की वारनिंग लाइट के आते ही कार जायदा न चलाये इसे आपको जायदा नुक्सान हो सकता है |

car dashboard signs | dashboard signs and meaning in hindi

car dashboard signs

Contents

वारनिंग लाइट 3 कलर में आती  है ;

1. red colour

रेड कलर की लाइट रिस्की और बहुत डेंजर होती है इसके मीटर में आने के बाद आप अपनी कार को व्ही रोक दे|

yellow कलर की लाइट जयादा रिस्की नहीं होती इसके आने पर आप कार चला सकते है ,पर आपको जल्द से जल्द इस लाइट को ठीक करना होता है |

3 . greenएंड blue 

green लाइट का मतलब है आपकी कार में कोई भी सिस्टम एक्टिव हो गया  है  |

ये थे 3 कलर  वारनिंग लाइट्स के   , अब सभी वारनिंग लाइट  के बारे में बात करेगे |

सर्विस रिक्वायर लाइट

जब आपकी कार में सर्विस रिक्वायर लाइट आये तो आपको चेक करना है सर्विस लेट तो नहीं हो रही है ,रेस पेडल सही वर्क कर रहा हे या नही ,फ्यूल की सप्लाई ,एयर की सप्लाई ,वायरिंग प्रॉब्लम , ये सब प्रॉब्लम हो जाये तो ये लाइट आती है | और भी कारण हो सकते है इस लाइट के आने के |

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चेक इंजन लाइट

ये लाइट कार में बहुत जायदा पोपुलर है यह लाइट बहुत जल्दी आती है | यह लाइट तब आती है , इंजन में बहुत से सेंसर लगे हुए होते है जो ecu से जुड़े होते है | अगर ecu को 1 भी सेंसर का input नहीं मिलेगा तो ecu /ecm ये चेक इंजन लाइट मीटर में show कर देगा |इस लाइट के आने के कारण map sensor, ot sensor ,throtal body atc. चेक करे |

 इंजन टेम्प्रेचर वारनिंग लाइट

इस लाइट में भी तीन लाइट है  एक green या blue दूसरा orange या yellow , तीसरा red

अगर green लाइट आ रही है तो इसका मतलब सिस्टम सब ठीक है

यदि yellow लाइट आ रही है इसमें आपको कुलेंट चेक करना पड़ता है

रेड कलर बहुत डेंजर होता है इसमें कार को रोक देना जायदा अच्छा होता है इस प्रोब्लम में आपको चेक करना होता है रेडिअटर फेन , कुलेंट , टेम्प्रेचर sensor ,फ्यूज atc .

 बैटरी चार्जिंग सिस्टम

यह लाइट इसलिए  आती है जब बैटरी चार्जिंग सिस्टम काम न कर रहा हो या फेन बेल्ट टूट जाये , अल्टीनेटर काम न करे बैटरी टर्मिनल खराब हो गए हो या फिर वायरिंग में कोई प्रोब्लेम हो गयी हो इन वजह से ये लाइट आती है |

 इंजन आयल प्रेसर लाइट

यही लाइट बहुत खतरनाक होती है  ये भी दो कलर में लाइट आती है अगर yellow कलर लाइट आ रही है इसमें आपको इंजन आयल चेक करना पड़ता है  अगर red कलर की आ रही है तो आयल प्रेसर स्विच को चेक करवाए और कार रोक दे , या फिर आयल पंप , सटेनर  चोक हो जाये तो ये लाइट ब्लिंक करने लगती है |

ब्रेक सिस्टम वारनिंग लाइट

इस लाइट में आपको सबसे पहले हैण्ड ब्रेक रेलीस करना पड़ता है , ब्रेक आयल कम हो तो भी ये लाइट आ जाती है ,हैण्ड ब्रेक स्विच के खराब होने से ये लाइट आ जाती है |

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ABS लाइट

एबीएस लाइट आने पर सबसे पहले आपको चारो व्हील का sensor चेक करना होता है ठीक हे या नहीं सेंसर खराब होने पर ये लाइट आती है , वायरिंग में प्रॉब्लम हो तो आती है एबीएस मोडुल में प्रोब्लम हो तो ये लाइट आती है इसमें भी दो कलर की लाइट आती है yellow एंड red|

 glow प्लग वारनिंग लाइट

ये लाइट हीटर की होती है ये तब आती है जा हीटर काम न करे , glow प्लग खराब हो जाये |

 imobilizer वारनिंग लाइट

इस लाइट के आने के बाद कार स्टार्ट नहीं होती है , इस लाइट के आने पर स्कैनर से key कोडिंग करवानी भी पड़ सकती है या ecu में प्रोब्लम हो ,फ्यूज  में प्रोब्लम हो तो ये लाइट आती है |

 ईपीएस लाइट पॉवर stearing लाइट

इस केस में आपको ईपीएस मोडुल चेक करना पड़ता है ,stearing फ्यूज ,stearing मोटर में प्रोब्लम हो जाये तो ये लाइट आती है |

फ्यूल फ़िल्टर वारिंग लाइट

इस लाइट के आने पर आपको फ़िल्टर चेक करना पड़ता है फ़िल्टर चोक न हो ,या फ़िल्टर के अन्दर वाटर न हो |

tams लाइट

टायर में हवा कम होने पर ये लाइट आती है हवा करने पर भी लाइट ना जाये तो tpms स्विच का बटन को 27 सेकंड तक दबा कर रखने से लाइट रिसेट हो जाएगी |

आटोमेटिक ट्रांसमिसन वारनिंग लाइट

इसमें दो तरह की लाइट होती है एक ऑटोम्टिक ट्रांस्मिसन लाइट ,और एक होती है हाई टेम्प्रेचर ऑटोम्टिक वारनिंग लाइट होती है |इसमें हमें फ्लूड चेक करना पड़ता है ,ट्रांस्मिसन चेक करना पड़ता है | और हाई ऑटोम्टिक वारनिंग लाइट में कुलेंट भी चेक करना पड़ता है |

 ADAPTIVE CRUISE CONTROL वोर्निंग लाइट

अगर ये लाइट GREEN कलर की आये तो ये ACTIVATE है YELLOW कलर की आये तो  डीएक्टिवेट है |ये जो सिस्टम है ये अब स्पीड के साथ साथ वल्लकर को भी कण्ट्रोल करता है |

ट्रैक्शन CONTROL लाइट

यह सिस्टम हमेसा चलता रहता है और ये अगर बंद हो जाये तो इसमें व्हील sensor चेक करना पड़ता है |

AIR BAG वोर्निंग लाइट

इसमें भी दो तरह की लाइट होती है  अगर YELLOW कलर की है ये लाइट तो इसका मतलब आपका एयर बैग डिसेबल हो गया है | अगर रेड कलर की आ रही है तो इसका मतलब है आपका एयर बैग का रिंग टूट चूका है या फ्यूज खराब है | इस लाइट के आने के बाद कार स्कैन करवाए इसे आपको पूरी डिटेल में प्रोब्लम का पता चल जायेगा |

 BREAK PED मोनिटरिंग वारनिंग लाइट

इसमें आपकी ब्रेक PED की थिकनेस कम हो जाती है जिसे ये लाइट आ जाती है | तो आपको ब्रेक PED चेक करवाने पड़ सकते है |

ECO MINDER वारनिंग लाइट

ये green और yellow कलर में आती है |

 stearing लॉक वारनिंग लाइट

इस लाइट में आपको फ्यूज REALY STEARING CONTROL MODUL में प्रोब्लम हो तो ये लाइट आ जाती है |

TBELT लाइट

ये टाइमिंग बेल्ट लाइट होती है  अगर आपकी कार 1 लाख से जायदा चल जाती है तो ये लाइट आती है इसका मतलब आपको टाइमिंग बेल्ट change करवानी पड़ती है |

 WASHER FLUID LOW लाइट

इस लाइट के आने पर वाटर चेक करना पड़ता है | वाइपर का पानी कम या ख़तम हो जाती है |

इनफार्मेशन  वारनिंग लाइट

इस लाइट के आने पर आपको इंजन आयल आयल फ़िल्टर एयर फ़िल्टर ये सभी चीजे चेक करनी पड़ती है |

IGNATIOn SWITCH वारनिंग लाइट

इस लाइट का मतलब IMBOLIZER स्विच के कण्ट्रोल में नहीं आता जिसे ये लाइट जल जाती है |

key FOB वारनिंग बैटरी लाइट

इसमें जब आपका key रिमोट का सेल डाउन हो जाता है तो ये लाइट आती है

DISTANCE वारनिंग लाइट

ये रेडियो में शो होती हे डिस्टेंस के लिए |

PRESS BREAK पेडल

इस लाइट का मतलब होता हे बहुत से करो में स्टार्ट करने के टाइम में ब्रेक प्रेस करनी पड़ती है | ये वो लाइट है | ये भी दो कलर में आती है | अगर ये लाइट orange या रेड कलर में आती है तो आपको क्लच पेडल प्रेस करना पड़ता है |

एयर सुस्पेंसन वोर्निंग लाइट

इस लाइट में कार की सस्पेंसन को चेक करना पड़ता है

 डर्टी AIR फ़िल्टर

अगर आपका एयर फ़िल्टर चोक हो जाये तो ये लाइट आ जाती है |

फौल्टी प्रोब्लम

इंजन मेनेजमेंट में कोई प्रोब्लम आती है तो ये लाइट आती है | अगर FAULTY लाइट के साथ आपकी PRND लाइट ब्लिंक करे इस केस में आपको मेगाटोनिक को चेक करना पड़ता है

LOW FUEL वोर्निंग लाइट

इस लाइट का मतलब आपकी कार में FUEL की मात्र कम हो गयी है तो आपको फ्यूल डालना पड़ता है |

बोनट ओपन लाइट

इस केस में आपका बोनट खुला हो तो ये लाइट आती है |

 DOOR ओपन वोर्निंग लाइट

इस केस में आपका door खुला हो तो ये लाइट आती है | या फिर door स्विच भी खराब हो सकता है |

BOOT LID वोर्निंग लाइट

इस केस में अगर आपकी डिकी खुली रह जाये या डिकी का सेंसर खराब हो जाये तो ये लाइट आती है |

 बल्ब मोनेटरिंग वारनिंग लाइट

इस केस में आपका कार का कोई भी बल्ब खराब हो जाये तो ये लाइट आती हैं |

पुश बटन लाइट

जो key लेस चाबिय होती हे उसमे एक पुश बटन होतो हे जिसको प्रेस करना पड़ता है |

 

ये थी कार DASHBORD की कुछ लाइट जिसके आने से आपकी कार का नुक्सान हो सकता है | इनमे से कुछ लाइट  तो बहुत डेंजर है जिसके आते ही आपको कार रोक देनी चाहिए |
इन सभी लाइट में से अगर आपकी कार में 1 लाइट भी आ जाती है तो आपको सबसे पहले कार स्कैन करवानी चाहिए उसके बाद ही पता चलता है आप कार चला सकते हे या नहीं |

इन कुछ वारनिंग लाइट में तीन DASHBORD लाइट ऐसी है जो बहुत डेंजर जिसके आने पर आपकी कार का इंजन सीज हो सकता है , या स्टार्ट ना हो |

CHEK ENGINE LIGHT

इस लाइट का साफ़ मतलब है की आपकी कार के इंजन डिपार्टमेंट में कोई न कोई सेंसर काम करना बंद कर दिया है | जब तक ये लाइट YELLOW कलर की है तो आप कार चला सकते है पर अगर रेड हो जाये तो कार बिलकुल ना चलाए |

ENGINE OIL LIGHT

इस लाइट का मतलब आपकी कार के इंजन में आयल ख़तम हो गया है  अगर ये लाइट yellow है तो इसका मतलब इंजन आयल ख़तम होने वाला है या कम है अगर ये रेड हो जाये तो साथ ही कार रोक दे ,मतलब आयल बिलकुल ही ख़तम हो चूका है |

COOLENT TEMPRECTURE LIGHT

ये लाइट भी बहुत डेंजर होती है क्युकी इस लाइट के आने से आपका हेड gasket भी फट जाता है | ये लाइट yellow आये या फिर रेड आये आप कार को साथ ही रोक दे |

 very important line

अगर आप अपनी  कार को लॉन्ग drive पर जा रहे है , और 30 या 40 किलोमित्टर पर आपको कुछ जलने की खुसबू आये और आपको पता चले की आपकी कार हीट या गर्म हो चुकी है इस सेचुवेसन में आपको कार रोकनी है

बोनट खोलना है और सबसे पहले आपको इंजन को ठंडा करना है पानी से   अछे तरीके से उसके बाद आपको रेडिअटर कैप को आराम से खोलना है ,रेडिअटर कैप इंजन ठंडा करने के बाद ही खोले , रेडिअटर कैप खोलने के बाद आपको कार स्टार्ट करनी है

और रेडिअटर में पानी डालना है जब तक पानी भर ना जाये ऊपर तक , याद रहे कार गर्म होने के बाद कभी कार बंद करके रेडिअटर में पानी न डाले इसे आपकी कार का इंजन सीज हो सकता है | जब आपकी कार बिलकुल ठंडी हो जाये फिर आपको चेक करना हे किस वजह से कार हीट हुई | 

 

अगर आपकी कार का रेडिअटर फेन नहीं चल रहा तो आप वाटर अल्बो में एक सेंसर लगा होता है जिसे टेम्प्रेचर स्विच कहते है  इस स्विच के ग्रिप को निकाल देना  है जिसे आपके रेडिअटर फेन डायरेक्ट हो जायेगा और वो चलने लगेगा | जिसे आप अपनी कार को garge में ले जा सकते है और प्रॉब्लम चेक करवा सकते है |

 

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