कॉर्न फ्लोर किसे कहते हैं पोषक तत्व और हेल्थ बेनिफिट

कॉर्न फ्लोर किसे कहते हैं,इसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते है और ना ही इसके जादा उपयोग के बारे में आप नहीं जानते होंगे , आपने बहुत सी चीजे खायी होगी क्या आपने कभी कॉर्न फ्लोर खाया है अगर हां तो आपको इसके बहुत फायदे होगे , और कॉर्न फ्लौर का उपयोग अलग अलग किया जाता है 

कॉर्न फ्लोर किसे कहते हैं(corn flour in Hindi )

कॉर्न फ्लौर एक बारीक पतला पाउडर होता है जो कॉर्न के इंडोस्टम से बनता है और इसका रंग आपको सफ़ेद देखने को मिल जाता है कॉर्न फ्लौर को मका के दानो के सफ़ेद  स्टार्च से तयार किया जाता है इसी कारण इसको कॉर्न स्ट्राच भी कहा जाता है | 

कॉर्न फ्लोर के फायदे (Benefits of Corn Flour in hindi )

कॉर्न फ्लौर के आपको बहुत से फायदे मिलेगे अगर आप इसका इस्तेमाल करते हो जानते है कॉर्न फ्लौर के फायदे –

1 . वजन को कम करने में फायदेमंद कॉर्न

कॉर्न फ्लौर हमारे वजन को कम करने में बहुत फायदेमंद होता है क्युकी जब हम इसे फ्राई करते है तो इसका आकार बहुत बढ़ जाता है और अगर हम कुछ कॉर्न के दाने खा लेते है तो हमारा पेट जल्दी भर जाता है |

जिसकी वजह से हम और कुछ नहीं खा पाते इसके अलावा इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते है जो वजन को कम करने में मदत करता है इसलिए आप कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल वजन कम करने के लिए कर सकते है 

2 . बुढापा होने से रोकता है कॉर्न (Corn prevents aging in hindi )

बहुत जादा टेंसन , फोन का इस्तेमाल करने से समय पर खाना ना खाने से , तनाव में रहने से हमारा शरीर समय से पहले ही बूढा होने लगता है और हमारे शरीर की शक्ति कम होती रहती है कॉर्न फ्लौर में कई पोषक तत्व होते है |

कॉर्न फ्लौर में एंटीओक्सिडेंट , केरोटिनआयल , ग्लुटीन्स होता है जो की हमारे शरीर को जवा रखता है और जल्दी बुढ़ापा नहीं होने देता और भी कई प्रकार के पोषक तत्व होते है जो आपको जवा रखते है |

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3 . आँखों के लिए फायदेमंद है कॉर्न (Corn is beneficial for eyes in hindi )

कॉर्न फ्लोर किसे कहते हैं पोषक तत्व और हेल्थ बेनिफिट

बहुत से लोगो को आज के समय में आँखों की समस्या होती है छोटी उम्र में ही चश्मे लग जाते है , कम दिखने की समस्या उत्पन हो जाती है क्युकी अधिकतर लोग देर रात तक फोन का इस्तेमाल करते है पूरा दिन लैपटॉप पर लगे रहते है जिसके कारण आँखों की रौशनी कम होने की समस्या होती है |

कॉर्न फ्लौर में जीआजएम्थिन होता है जो आँखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है और आँखों की रौशनी को बढाता है इसलिए आप कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल करे बहुत फायदा होगा |

4 . डायबटीज के मरीजो के लिए फायदेमंद कॉर्न (Beneficial corn for diabetic patients in hindi )

कॉर्न फ्लोर किसे कहते हैं पोषक तत्व और हेल्थ बेनिफिट

डायबटीज को अलग अलग नाम से पुकारा जाता है और भारत में कम से कम 30 % लोगो को डायबटीज की समस्या होती है इस समस्या में मीठे से परहेज करना पड़ता है अगर कही पर खून निकल जाता है तो जादा समस्या उत्पन हो जाती है |

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कॉर्न में काम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स होता है जो डायबटीज के मरीजो के लिए बहुत फायदेमंद होता है यह मीठा भी नहीं होता , अगर आपको डायबटीज है तो आप कॉर्न का इस्तेमाल कर सकते है |

5 . फाइबर का खजाना है कॉर्न (Corn is a treasure of fiber in Hindi )

हमने देखा है की बहुत से लोग काम में बहुत व्यस्त रहते है अपने खान पान पर अच्छे से ध्यान नहीं देते जिसके कारण उनके शरीर की रोगप्रतिरोधक शमता कम हो जाती है और उनको जल्दी थकान हो जाती है |

कॉर्न फ्लोर के अन्दर अच्छी मात्रा में फाइबर होता है जो हमारे लिए बहुत फायदा होता है आप इसका इस्तेमाल ड्राई फ्रूट्स के रूप में भी कर सकते है इसे आपको कमजोरी महसूस नहीं होगी और आप कोई भी काम आसानी से कर सकते है |

6 . पाचन तंत्र को सही रखता है कॉर्न (Corn keeps the digestive system right hindi)

कॉर्न फ्लोर किसे कहते हैं पोषक तत्व और हेल्थ बेनिफिट

पाचन का सही रहना हमारे शरीर के लिए बहुत जरुरी होता है तभी रेहमा शरीर में भोजन पचता है लेकिन आजकल गलत खान पान के कारण जादा फास्टफूड खाने के कारण हमारे शरीर में पाचन से सम्बंधित समस्या हो जाती है खाना नहीं पचता |

कॉर्न फॉर्म में एंटीओक्सिडेंट पाया जाता है जो पाचन से सम्बंधित समस्या को ख़त्म करता है और हमारे पेट को साफ़ रखता है जिसे हमें खाने में कोई समस्या नहीं होती |

7 . एनीमिया के रोगी के लिए फायदेमंद है कॉर्न (Corn is beneficial for anemia patient in hindi)

एनीमिया मतलब शरीर में खून की कमी हो जाना भारत में लगभग हर 10 में से 6 महलाओ को एनीमिया की शिकायत है , जब शरीर की रक्त कोशिकाओं में अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन नहीं जा पाती तो एनीमिया की शिकायत होती है |

कॉर्न फ्लोर में नए ब्लड सेल का निर्माण करने की शमता होती है जो एनीमिया जेसी रोग को होने नहीं देता और कम करने में मदत करता है आप रोज कुछ कॉर्न का इस्तेमाल कर सकते हो आपको फायदा होगा |

8 . कैंसर से लड़ने में मदत करता है कॉर्न (Corn helps fight cancer in hindi)

कैंसर एक एसी बिमारी है जिसका इलाज आज तक नही मिल पाया है कैंसर अलग अलग तरीके का होता है और यह बहुत खतरनाक होता है इस बिमारी में हमें एसी चीजे खानी चाहिए जो इस बिमारी से लड़ने में मदत करता है |

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कॉर्न फ्लौर में कैंसर से लड़ने के सेल्स होते है जो कैंसर को रोकता है और उसे लड़ने के लिए हमें शक्ति देता है इसलिए आप कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल कर सकते है आपको फायदा होगा |

कॉर्न को storage कैसे करे कई महीने तक  (How to store corn for several months in hindi )

आपको बता दे की ये एक घरेलू नुकशा है इसके लिए आपको सभी मक्की के दाने को अलग अलग कर ले और सभी को पानी मैं धो लो और नमक और चीनी डालकर उसे उबाल लो और जब वो उबल जाये तो उसे बहार निकाल दे और उसे ठंडे पानी मैं धो ले और उसे निकालकर उसे पैक कर ले इससे आप उसे कई महीने तक सुरक्षित रख सकते है 

कॉर्न फ्लोर के उपयोग (corn flour uses in Hindi)

कॉर्न फ्लौर के बहुत से उपयोग किये जाते है जानिये –

1 . कटलेट के ऊपर लेयर के रूप में

कॉर्न फ्लौर का उपयोग टिकी के ऊपर लेयर के रूप में किया जाता है जिसे टिकी के बुरादे को चिपकने में मदत मिलती है और टिकी खाने में सवादिस्ट बन जाती है और बहुत से लोग फ़ास्ट फ़ूड में टिकी का इस्तेमाल करते है |

2 . पकोड़े में कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है

कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल पकोड़े में टेस्ट को बढाने के लिए भी किया जाता है ताकि पकोड़े खाने में सवाटिस्ट लगे |

3 . मिठाई बनाने में उपयोगी कॉर्न फ्लौर

कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल एक सवादिस्ट मिठाई बनाने में भी किया जाता है और यह मिठाई सवादिस्ट के साथ साथ बहुत सस्ती भी है जिसका नाम है जिसे करांची का हलवा के नाम से जाना जाता है |

4 . फालूदा सेव बनाने में उपयोगी है कॉर्न फ्लौर

कॉर्न फ्लौर का उपयोग फालूदा सेव बनाने में भी किया जाता है जिसका उपयोग आइसक्रीम में भी किया जाता है , और यह जादातर बचो को अच्छा लगता है|

5 . आइसक्रीम बनाने में उपयोगी है कॉर्न फ्लौर

कॉर्न फ्लोर खाने में बहुत सवादिस्ट होता है इसे भुनकर भी खाया जाता है और इसका इस्तेमाल बहुत सी आइस क्रीम बनाने में किया जाता है कॉर्न फ्लौर से अलग अलग प्रकार की आइस क्रीम बनाई जाती है |

6 . गिरीवी को गाढ़ा करने में मदत करता है कॉर्न फ्लौर

कई बार गिरवी पतली हो जाती है और आप सोच में पड़ जाते है की इसे गाढ़ा करे तो आप कॉर्न फ्लौर के पाउडर से आसानी से गाढ़ा कर सकते है |

7 . छेना की मिठाई में उपयोग होता है कॉर्न फ्लौर

छेना की मिठाई जेसे रस्गुला , रसमलाई , हर किस्म की छेना की मिठाई में कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल किया जाता है यह छेना को इकठा करके रखता है जिसे छेना चासनी में ना डूबे , जिसके कारण मिठाई बहुत सवादिस्ट बनती है |

8 . हलवा बनाने में उपयोग किया जाता है कॉर्न फ्लौर का

कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल हलवा बनाने में किया जाता है इसका इस्तेमाल कुकी बनाने में भी किया जाता है कॉर्न फ्लौर का हलवा खाने में बहुत अच्छा होता है |

9 . कोफ्ता और मंचूरियन बनाने में उपयोग कॉर्न फ्लौर

सब्जियों को इकठा करने के लिए कोफ्ता और मंचूरियन में कॉर्न फ्लौर का उपयोग किया जाता है मंचूरियन की ग्रेवी में भी कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल किया जाता है |

10 . सूप में भी कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल किया जाता है

सूप बनाने में भी कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल किया जाता है सूप को गाढ़ा करने में भी कॉर्न फ्लौर का उपयोग किया जाता है जिसे सूप पतला नहीं होता और पिने में अच्छा लगता है |

घर पर कैसे तैयार करे कॉर्न फ्लौर

आप आसानी से घर पर ही कॉर्न फ्लौर को तयार कर सकते है –

1 . आपको सबसे पहले मके के दाने लेने है और दो या तीन बार साफ़ पानी से धोना है |

2 . मके के दानो को धोने के बाद आपको पूरी रात के लिए मके के दानो को भिगोने के लिए रख देना है |अगर एक रात में ये ना फुले तो आपको इसका पानी बदलकर एक रात के लिए और रखना है |

3 . जब मके के दाने फुल जाए उसके बाद मिक्सी में थोड़े थोड़े दानो को पिसना है थोड़े पानी के साथ और पेस्ट बना लेना है |

4 . और जब पेस्ट बन जाए सभी दानो का तो पेस्ट को छलनी से छान लेना है और छान लेने के बाद जो पानी निकला है उसे रख देना है |

5 . जो पानी रखा है उसको जमने दे और कुछ समय बाद पानी के उपरी लेयर को निकाल दे और मोटी लेयर को धुप में सुखा ले |

6 . उसके बाद आपका कॉर्न फ्लौर का पाउडर बन जाएगा पाउडर बने के बाद आपको एक बार और मिक्सी में इसे पतला कर लेना है |

इस तरीके से आपका कॉर्न फ्लौर बनकर तेयार हो जाएगा | और आप इसका इस्तेमाल कई खाने की चीजो में कर सकते है |

अरारोट और कॉर्न फ्लोर में अंतर बताये 

बहुत से लोगो को क्न्फुसन रहती है की कॉर्न फ्लौर , और कॉर्न स्टार्च अलग अलग है या एक , तो हम आपको बता दे की कॉर्न फ्लौर और कॉर्न स्टार्च दोनों एक ही होता है | लेकिन मके का आटा अलग होता है जिसे हम कॉर्न मील कहते है |

कॉर्न फ्लोर सफेद रंग का होता है जो हमें मके के दानो से प्राप्त होता है कॉर्न फ्लौर एक पाउडर होता है जो हमें कॉर्न के एंडोस्पर्म से मिलता है और हम कॉर्न स्टार्च का इस्तेमाल हम किसी भी चीज को गाढा करने के लिए करते है |

कॉर्न फ्लोर को बनाने के लिए मके के छिलके को उतार दिया जाता है और फिर उसके दानो को पीसकर पाउडर बनाया जाता है जबकि अगर मके का आटा तेयार करने के लिए पहले मके के दानो को सुखाया जाता है और फिर मके का आटा तेयार किया जाता है , और इन्ही चीजो से हमें इनका अंतर पता चलता है |

मके का आटा पीले रंग का होता है जबकि कॉर्न फ्लौर बिलकुल सफ़ेद रंग का होता है और बिलकुल पतला होता है मके के आटे से आप मके की रोटी , मके की कचोडी आदि बनाते हो , इसके अलावा आप कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल आप कोप्ता , मंचूरियन में करते है और भी कई चीजे होती है जिसमे आप कॉर्न फ्लौर का इस्स्तेमाल करते हो |

अरारोट पाउडर यह एक तरह का हर्बल पाउडर होता है यह बेबी फ़ूड में इस्तेमाल किया जाता है क्युकी अरारोट में बहुत सारे विटामिन होते है जो दर्द को भी ख़त्म करते है , और यह एक प्लांट के जड़ से तेयार किया जाता है जिसका उपयोग कई चीजो में किया जाता है यह पाचन के लिए बहुत फायदेमंद होते है |

अब आपको पता चल गया होगा की कॉर्न फ्लौर , कॉर्न मिसी , और अरारोट क्या होता है और इनके बीच में क्या अंतर होता है |

कॉर्न फ्लोर में पाए जाने वाले पोषक तत्व

कॉर्न फ्लोर में बहुत से ऐसे पोषक तत्व होते है जो बहुत फायदेमंद होते है जो हमारी कई बीमारियों को खत्म करने में हमारी मदत करती है जानते है कॉर्न फ्लौर के पोषक तत्व – 

1 . कॉर्न फ्लौर में (आयरन) अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो की (0.86 mg) होता है |
2 . कॉर्न फ्लौर में (पोटाशियम) भी होता है जिसकी संख्या (35 .7 mg) होती है |
3 . इनके अलावा इनमे (केल्शियम) होता है जो (16.9 mg) होती है |
4 . कॉर्न फ्लौर में (विटामिन B 1 थियामिन) होता है जो (0.17 mg) होता है |
5 . कॉर्न फ्लौर में (विटामिन B 2 राइबोफ्लोविन) होता है जिसकी मात्रा (0.9 mg) होती है |
6 . इसमें (विटामिन B 3 नियामिन) होता है जो (1.17 mg) होता है |
7 . कॉर्न में (फास्फोरस) होता है जिसकी मात्रा (26.7 mg) होती है |
8 . (जिंक) होता है जो इसमें (0.22 mg) होता है |
9 . कॉर्न में (कार्बोहाइड्रेट) होता है जिसकी मात्रा (9.1 gm) होता है |
10 . कॉर्न फ्लौर में (फाइबर) अच्छी मात्रा में होता है जो (1.2 gm) होता है |
11 कॉर्न में (प्रोटीन) होता है जो (1.1 gm) होता है |
12 . कॉर्न में (फैट) होता है जिसकी मात्रा (0.5 gm) होती है |

गलत तरीके से कॉर्न खाने के नुक्सान

कॉर्न के बहुत से फायदे होते है और इसका उपयोग अलग अलग चीजो में किया जाता है लेकिन हर किसी चीज का फायदा होता है तो नुक्सान भी होता है लेकिन जादा खाने से और गलत तरीके से खाने से नुक्सान भी हो सकता है इसलिए यह बहुत जरुरी होता है की आप किसी भी चीज का सेवन लिमिट से करे |

1 . कॉर्न फ्लौर का जादा इस्तेमाल से आपको पेट से सम्बंधित समस्या हो सकती है पेट में सुजन हो सकती है |

2 . कचे कॉर्न फ्लौर का आप जादा इस्तेमाल ना करे नहीं तो आपको दस्त जेसी समस्या भी उत्पन हो जाती है |

3 . कॉर्न फ्लौर में बहुत जादा फाइबर होता है जिसके वजह से अपच जेसी समस्या उत्पन हो जाती है |

4 . अगर आप कॉर्न फ्लौर का इस्तेमाल जादा करते है तो आपको वजन बढ़ने की समस्या भी हो सकती है |

5 . अधिक मात्रा में कॉर्न फ्लौर के सेवन से आपको हाइजेसन की समस्या हो सकती है |

आपको कॉर्न फ्लौर के बहुत से फायदे होंगे लेकिन आप अधिक मात्रा में इसका सेवन ना करे |

नोट :

कॉर्न फ्लौर एक एसा अनाज है जिसके बहुत से फायदे होते है और इसका उपयोग बहुत सी चीजो में भी किया जाता है बहुत से लोगो को इसका भूटा खाना पसंद होता है लेकिन आपको यह पता होना चाहिए की इसके केसे और कितना उपयोग करना है क्युकी जादा खाने से आपको इसका नुक्सान भी हो सकता है अगर आपको कोई बिमारी है या कोई समस्या है तो आप डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करे अगर आपको कोई समस्या नहीं है तो भी आप कम और निश्चित मात्रा में ही इसका सेवन करे |

जानिये कुछ सवालों के जवाब

meaning of corn flour in hindi

Q . क्या कॉर्न फ्लौर और कॉर्न स्टार्च सेम होता है ?

ans . बहुत से लोग सोचते है की ये दोनों अलग अलग होते है लेकिन नहीं यह दोनों सेम होते है बस इनके नाम में थोडा फर्क होता है ये दोनों एक ही चीज है |

Q . अरारोट क्या है ?

ans . यह एक तना होता है इसके जड़ से ही अरारोट प्राप्त किया जाता है इसका उपयोग बचो के फ़ूड में जादा किया जाता है क्युकी इसमें विटामिन्स की अच्छी मात्रा होती है |

Q . अरारोट , कॉर्न फ्लौर , कॉर्न मिसी एक जेसा होता है ?

ans . नहीं ये तीनो अलग अलग होते है , अरारोट एक तने की जड़ है , कॉर्न फ्लौर मके के दानो का पाउडर होता है जो सफेद रंग का होता है , और कॉर्न मिसी यह मके का आटा होता है जो पीले रंग का और दरदरा होता है |

Q . कॉर्न फ्लौर का उपयोग कहाँ कहाँ किया जाता है ?

ans . कॉर्न फ्लौर का उपयोग कोफ्ता , मंचूरियन , आइस क्रीम , सोस , सूप आदि में किया जाता है |

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